पीटीआई। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि भारत को एक विकसित देश बनने के लिए कुपोषण जैसी समस्याओं से निपटने की जरूरत है।
रघुराम राजन ने कहा कि भारत को विकसित देश बनने के लिए कुपोषण जैसे मुद्दों का समाधान करना होगा और मानव पूंजी की अपनी सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति पर भी ध्यान केंद्रित करना होगा।
इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में बोले रघुराम राजन
हैदराबाद में इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब कुपोषण मौजूद है तो देश कैसे विकसित हो सकता है। हम 2047 तक एक विकसित, समृद्ध देश बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं इसे एक उदाहरण के साथ कहना चाहूंगा कि आज 35 प्रतिशत कुपोषण के साथ आप जब 2047 तक एक विकसित समृद्ध देश बनने के बारे में बात कर रहे हैं तो निश्चित रूप से मजाक कर रहे होंगे। रघुराम राजन ने आगे कहा कि जो बच्चे अभी कुपोषण से पीड़ित हैं, वे 10 साल बाद श्रम बल में शामिल होंगे। उन्होंने बड़े पैमाने पर उचित प्रशिक्षण देकर देश में मानव पूंजी के पोषण पर भी जोर दिया।
मानव पूंजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा- राजन
उन्होंने कहा कि हमें भारत की सबसे महत्वपूर्ण संपत्ति इसकी मानव पूंजी पर ध्यान केंद्रित करना होगा। हमारे पास दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में अधिक 1.4 अरब लोग हैं। राजन ने कहा कि अगर हम बड़ी संख्या में उन लोगों को अच्छी तरह से प्रशिक्षित कर सकते हैं तो मूल्य सृजन के मामले में हमारे पास बहुत कुछ है। मैं कहूंगा कि आइए इसके साथ शुरुआत करें।
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