उत्तराखंड के विभिन्न विभागों में दैनिक वेतन पर कार्यरत महिला कर्मचारियों को अब सरकार मातृत्व अवकाश देने पर विचार कर रही है। यही नहीं, विभिन्न विभागों में संविदा व आउटसोर्स से कार्यरत महिला व पुरूष कर्मचारियों को भी सरकार बाल दत्तक ग्रहण अवकाश तथा बाल देखभाल अवकाश देने का मन बना चुकी है। इन तीनों ही प्रस्तावों पर राज्य के वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है। वित्त मंत्री के अनुमोदन के बाद अब आगामी कैबिनेट से मंजूरी का इंतजार है।
राजकीय कर्मचारियों की तरह दैनिक कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देने का विचार
वित्त मंत्री डा. प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत ऐसी महिला कर्मचारियों, जिनका वेतन दैनिक कार्य पर निर्भर है। उन्हें भी अब राजकीय कर्मचारियों की तरह ही छह माह का मातृत्व अवकाश देने पर सरकार ने मन बनाया हैं, इस प्रस्ताव पर वित्त मंत्री डा. अग्रवाल की ओर से अपना अनुमोदन प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स महिला व एकल पुरूष कर्मचारी (तलाकशुदा, विदुर इत्यादि) को भी सरकार एक वर्ष से कम आयु के शिशु को गोद लेने पर अधिकतम 120 दिन का बाल दत्तक ग्रहण अवकाश देने का विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रस्ताव पर भी अनुमोदन प्रदान किया गया है।
कार्यरत संविदा व आउटसोर्स पुरूष कर्मचारियों को भी पितृत्व अवकाश देने पर लग सकती है मोहर
साथ ही अग्रवाल ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स केवल महिला कर्मचारियों को भी 18 वर्ष तक के बच्चों की देखभाल हेतु बाल देखभाल अवकाश देने का भी सरकार विचार कर रही है। उन्होंने बताया कि इसमें प्रत्येक वर्ष 15 दिन बाल देखभाल अवकाश देने का प्रावधान होगा। उन्होंने बताया कि इस पर भी अपना अनुमोदन दिया है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने बताया कि विभिन्न विभागों में कार्यरत संविदा व आउटसोर्स पुरूष कर्मचारियों को भी पितृत्व अवकाश देने पर सरकार ने मन बनाया है। इसमें राजकीय कर्मियों की तरह ही 15 दिन का पितृत्व अवकाश दिया जाएगा। इस पर भी मंत्री डा. अग्रवाल ने अपना अनुमोदन दिया है।
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