देहरादून: उत्तराखंड में लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए स्वीप (SVEEP) अभियान को तेज किया जा रहा है। बुधवार को सचिवालय में अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। बैठक में अब तक किए गए मतदाता जागरूकता कार्यक्रमों और स्वीप गतिविधियों का विस्तृत ब्यौरा लिया गया।
चुनावी पाठशाला से हर युवा को जोड़ा जाएगा
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि चुनावी पाठशाला का रोस्टर तैयार किया जाए और हर जिले में जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी इसकी निगरानी करें। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में स्वीप आईकॉन, कैंपस एम्बेसडर या इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC) के कार्यक्रम प्रभावी नहीं हैं, वहां तुरंत सुधार किया जाए।
सभी कॉलेजों और स्कूलों में अनिवार्य होंगे स्वीप आईकॉन और कैंपस एम्बेसडर
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सभी जिलों में स्वीप आईकॉन को नियमित रूप से चुनावी पाठशाला और ELC गतिविधियों में आमंत्रित किया जाएगा।
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सभी डिग्री कॉलेजों और स्कूलों में कैंपस एम्बेसडर की नियुक्ति जल्द पूरी होगी।
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प्रत्येक ईएलसी और कैंपस एम्बेसडर का डेटा वेरीफाई कर नियमित गतिविधियों का डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
मतदाता जागरूकता अभियान को मिलेगा सोशल मीडिया बूस्ट
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता जागरूकता अभियान को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक पहुंचाने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया के माध्यम से स्वीप गतिविधियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक युवा मतदाता जागरूक हो सकें।
हर जिले में होगा भव्य मतदाता जागरूकता कार्यक्रम
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रोस्टर के अनुसार सभी जिलों में बड़े स्तर पर मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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जिलों के वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इन कार्यक्रमों में मौजूद रहेंगे और मतदाताओं को जागरूक करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।
लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, मुक्ता मिश्र, अनुभाग अधिकारी बसंत रावत समेत सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारी एवं मुख्य शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। यह अभियान युवाओं को जागरूक कर मतदाता सहभागिता को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।