नई दिल्ली: महिलाओं के अधिकारों की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मातृत्व अवकाश को महिलाओं के मूल प्रजनन अधिकारों का अभिन्न हिस्सा करार दिया है। शुक्रवार को सुनाए गए इस फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कोई भी संस्थान किसी महिला को मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं कर सकता, भले ही उसके पहले से दो बच्चे हों।
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