देहरादून : भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) देहरादून में शनिवार को गर्व और अनुशासन से परिपूर्ण पासिंग आउट परेड (POP) 2025 का आयोजन हुआ, जहां 451 कैडेट्स ने अंतिम पग पार करते हुए सैन्य सेवा में पहला कदम रखा। इनमें से 419 युवा अब भारतीय सेना के अधिकारी बनकर देश की सेवा करेंगे, जबकि 9 मित्र देशों के 32 विदेशी कैडेट्स ने भी अपना प्रशिक्षण सफलता से पूर्ण किया।
वर्दी नहीं, जीवनशैली है: श्रीलंकाई सेना प्रमुख
समारोह के मुख्य अतिथि श्रीलंका सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल लसंथा रोड्रिगो रहे। उन्होंने परेड की भव्य सलामी ली और कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा,
“सैन्य वर्दी सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है। एक सच्चा सैन्य अधिकारी अपने आचरण, साहस और निर्णयों से अपने अधीनस्थों का विश्वास अर्जित करता है।”
अन्नी नेहरा को ‘सॉर्ड ऑफ ऑनर’, रोनित रंजन को गोल्ड मेडल
इस वर्ष सर्वश्रेष्ठ कैडेट के रूप में ‘सॉर्ड ऑफ ऑनर’ का गौरव अन्नी नेहरा को प्राप्त हुआ। उन्होंने भावुक होकर कहा,
“यह सम्मान वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। अब मेरे कंधों पर देश और मातृभूमि की बड़ी जिम्मेदारी है।”
गोल्ड मेडल विजेता रोनित रंजन नायक ने कहा, “आज का दिन हर सैनिक के जीवन का सबसे खास दिन होता है। यह मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का पल है।”
हल्द्वानी के आकाश बृजवासी की प्रेरणादायक कहानी
उत्तराखंड के हल्द्वानी निवासी आकाश बृजवासी, जो अब सेना में अधिकारी बन गए हैं, ने अपने माता-पिता को सफलता का श्रेय दिया।
“मेरे पिता किसान हैं और मां एक गृहिणी। जो कुछ भी मैंने हासिल किया, वह उनके संघर्ष और त्याग का ही फल है।”
IMA POP 2025 सिर्फ एक परेड नहीं, बल्कि उन सपनों की उड़ान है जो देश की मिट्टी से जुड़े हैं। यह युवा कैडेट्स अब भारत की सीमाओं के प्रहरी बनेंगे, और अपने नेतृत्व से ना सिर्फ सेना को, बल्कि पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करेंगे।
