इनर लाइन तोड़ी, आस्था जोड़ी: सेना और ITBP ने वाइब्रेंट विलेज के ग्रामीणों को कराए पार्वती कुंड के दुर्लभ दर्शन

 

 

 

चमोली, उत्तराखंड : आस्था, परंपरा और सुरक्षा के संगम का एक अद्वितीय उदाहरण पेश करते हुए, भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने चमोली ज़िले की नीती घाटी के वाइब्रेंट विलेज मलारी और कैलाशपुर के ग्रामीणों को पवित्र पार्वती कुंड के दर्शन कराए।

यह धार्मिक स्थल भारत-तिब्बत सीमा पर इनर लाइन क्षेत्र में स्थित है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश लंबे समय से प्रतिबंधित है। मगर ग्रामीणों की वर्षों पुरानी आस्था और इच्छा को सम्मान देते हुए, सेना और ITBP ने विशेष अनुमति लेकर यह ऐतिहासिक पहल की।

सैनिकों का सराहनीय प्रयास: आस्था को दिया सम्मान

पार्वती कुंड को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। इनर लाइन प्रतिबंधों के कारण स्थानीय ग्रामीण कई पीढ़ियों से यहाँ दर्शन नहीं कर पा रहे थे, लेकिन अब सेना और ITBP की इस सामुदायिक भागीदारी ने सदियों पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित कर दिया।

इस पहल के तीन मुख्य उद्देश्य रहे:

  • स्थानीय समुदायों के साथ विश्वास और संबंधों को मज़बूत करना

  • सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक स्थलों का सम्मान करना

  • सीमावर्ती गांवों को देश की मुख्यधारा से जोड़ना

‘वाइब्रेंट विलेज’ को मिला आध्यात्मिक संबल

भारत सरकार की वाइब्रेंट विलेज योजना के अंतर्गत सीमावर्ती गांवों में बुनियादी सुविधाएं और भावनात्मक जुड़ाव सुनिश्चित किया जा रहा है। इस तरह की पहल न केवल सुरक्षा बलों की संवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि रक्षा और धर्म का संतुलन कैसे कायम किया जा सकता है।

 

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