देहरादून: मुख्यमंत्री की घोषणाओं को जमीन पर उतारने की रफ्तार बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में विभागवार समीक्षा की। उन्होंने लंबे समय से अटकी घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और जिन मामलों में विभागीय स्तर पर अड़चन है, उन्हें आपसी समन्वय से जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।
बैठक में सामने आया कि राज्य में अब तक 4611 मुख्यमंत्री घोषणाएं की गई हैं। इनमें 2852 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1759 पर प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 447 घोषणाओं को विलोपित या अन्य घोषणाओं में मर्ज किया गया है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1397 लंबित घोषणाओं पर अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई जारी है, जबकि 303 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं।
खास बात यह है कि अगस्त में हुई पिछली समीक्षा के मुकाबले लंबित घोषणाओं की संख्या में कमी आई है। 11 अगस्त को 627 घोषणाएं लंबित थीं, जो अब घटकर 303 रह गई हैं।
यमुनोत्री ट्रेक को सुधारने का प्लान बनेगा
मुख्य सचिव ने पूरे यमुनोत्री ट्रेक रूट के सुधार की योजना तैयार करने को कहा है। अधिकारियों को अगले 15 दिनों में विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। ट्रेक पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाएं तलाशने को भी कहा गया है।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि ईको पार्क समेत किसी भी परिसंपत्ति का निर्माण करने से पहले उसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था तय हो, ताकि निर्माण के बाद संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके।
पौड़ी हेरिटेज स्ट्रीट को पर्यटन विभाग संभालेगा
पौड़ी में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट का काम आवास विभाग से पर्यटन विभाग को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए। मल्टीस्टोरी पार्किंग से जुड़े प्रस्तावों पर भी जल्द निर्णय लेने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने अलग-अलग विभागों द्वारा एक ही क्षेत्र में किए जा रहे विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों को अलग-अलग करने के बजाय एकीकृत योजना के तहत पूरा करने पर जोर दिया।
कोल्ड स्टोरेज के लिए सही जमीन जरूरी
फलों के भंडारण के लिए प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज परियोजनाओं में जमीन की उपयुक्तता को लेकर भी मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर निर्माण करने के बजाय जरूरत के अनुसार उपयुक्त भूमि का चयन किया जाए।
इसके अलावा शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क विकसित करने की संभावनाएं तलाशने को कहा गया। सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं होने पर निजी भूमि खरीदकर ऐसी सुविधाएं विकसित करने के विकल्प पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करने और सचिव एवं अपर सचिव स्तर पर इसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। अगली समीक्षा अक्टूबर के मध्य में होगी।
