रुद्रप्रयाग: पांचवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम के कपाट खोलने की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। धाम को करीब 10 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। कपाट बुधवार सुबह 8 बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
बाबा के प्रथम दर्शन के लिए करीब 10 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं, जबकि विभिन्न पड़ावों पर भी 10 से 12 हजार यात्री ठहरे हुए हैं। बाबा की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार को गौरीकुंड से केदारनाथ पहुंची, जहां भक्तों ने भावभीना स्वागत किया।
इसी दिन तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट भी सुबह 11 बजे खोले जाएंगे। भगवान की डोली सुबह 10 बजे चोपता से तुंगनाथ धाम पहुंचेगी।
वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। तेल कलश यात्रा के साथ आदि शंकराचार्य की गद्दी मंगलवार को योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंच गई। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाएंगे।
बाबा केदार की डोली यात्रा रविवार को ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से सेना के बैंड की मधुर धुनों के बीच शुरू हुई, जो फाटा और गौरीकुंड होते हुए मंगलवार को केदारनाथ धाम पहुंची। इस दौरान हजारों श्रद्धालु यात्रा में शामिल रहे।
कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम में मौजूद रहेंगे। यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।
पैदल मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए शौचालय, आवास, गर्म पानी, बिजली और खानपान की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। साथ ही हर दो किलोमीटर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं।
उधर, तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली भूतनाथ मंदिर मक्कूमठ से शृंगार, आरती और तीन परिक्रमा के बाद चोपता पहुंची। इस दौरान महिलाओं ने मंगल गीतों से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
चिलियाखोड़, पगेर और बनियाकुंड जैसे पड़ावों पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने डोली यात्रा का भव्य स्वागत किया। यात्रा में डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित, प्रबंधक बलवीर सिंह नेगी, चंद्रमोहन बजवाल सहित सैकड़ों श्रद्धालु, हक-हकूकधारी और पंच पुरोहित शामिल रहे।