देहरादून : देहरादून के कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जगह-जगह हुए भूस्खलन ने जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें दोनों ओर लगी हैं। इस बीच किसानों की फसलें रास्ते में फंसी हुई हैं, और यात्री भी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की चेतावनी एकदम सही साबित हुई, क्योंकि पिछले दो दिनों से प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश लगातार जारी है। बुधवार देर रात पछवादून और आसपास के क्षेत्रों में गड़गड़ाहट के साथ मूसलधार बारिश ने तबाही मचाई।
सबसे ज्यादा प्रभावित कालसी-चकराता मार्ग हुआ, जहां जजरेड़ समेत कई जगहों पर भूस्खलन के कारण सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं। लोक निर्माण विभाग की टीम मौके पर तैनात है और दो जेसीबी मशीनों की मदद से मार्ग को खोलने के प्रयास जारी हैं। रचना थपलियाल, लोक निर्माण विभाग सहिया की अधिशासी अभियंता, ने बताया कि जजरेड़ पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण रास्ता पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है।
मसूरी में भी हालात गंभीर हैं। बुधवार देर रात हुई बारिश से घंटाघर के पास राजमंडी क्षेत्र में भारी भूस्खलन हुआ, जिससे एक मकान पर खतरे की तलवार लटक रही है। मलबा घर के अंदर घुस चुका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। मसूरी-कैंपटी राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी भूस्खलन ने यातायात ठप कर दिया है, और कैंपटी बाजार के पास सैकड़ों वाहन फंसे हुए हैं।
इतना ही नहीं, मसूरी माल रोड के गांधी चौक के पास दुकानों में बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों का सामान बर्बाद हो गया। प्रशासन मलबा हटाने की कोशिशों में लगा हुआ है, लेकिन मार्गों को पूरी तरह से खुलने में अभी और समय लग सकता है।