महिला दिवस पर सीएम धामी का संदेश: मातृशक्ति के बिना उत्तराखंड का विकास संभव नहीं

 

 

 

 

देहरादून: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों, विशेष रूप से मातृशक्ति को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की महिलाएं सदैव से परिश्रम, त्याग और समर्पण की प्रतीक रही हैं और राज्य के विकास तथा सामाजिक संरचना को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

राज्य निर्माण आंदोलन में भी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर आज तक प्रदेश के विकास में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। महिला सशक्तिकरण और महिलाओं का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

स्वयं सहायता समूहों से बढ़ रही आर्थिक ताकत

उन्होंने बताया कि राज्य में 68 हजार स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से करीब 5 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। इसके साथ ही लखपति दीदी योजना के तहत अब तक 2 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है।

यूसीसी लागू कर निभाया वादा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता लागू कर जनता से किया गया वादा पूरा किया है और यह महिलाओं के सम्मान से जुड़ा महत्वपूर्ण कानून भी है।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सभी महिलाओं के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि मातृशक्ति के सहयोग और सहभागिता से उत्तराखंड विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करेगा।

 
 
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