देहरादून: उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने 15 साल बाद अपने स्टैंडर्ड आफ परफार्मेंस रेगुलेशन में बढ़ा बदलाव किया है। अब बिजली कनेक्शन में देरी होने पर ऊर्जा निगम से जो जुर्माना वसूला जाएगा, उस पर उपभोक्ताओं को हिस्सा मिलेगा। जहां पहले लेट पेमेंट के नाम पर उपभोक्ताओं से जुर्माना वसूला जाता था। वहीं अब बिजली कनेक्शन में देरी होने पर उपभोक्ताओं को बिजली विभाग से मुआवजा मिलेगा।
आखिर क्या है ये मामला
दरअसल बिजली विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को एलटी कनेक्शन 15 दिन और एचटी कनेक्शन 60 दिन के भीतर देना होता था। यदि इसमें देरी हुई तो विभाग को 500 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना भी देना पड़ता था। वहीं अगर विभाग द्वारा एलटी कनेक्शन में लोड बढ़ाने के आवेदन पर 15 दिन, एचटी कनेक्शन में 30 दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो विभाग को 50 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से अधिकतम 50 हजार जुर्माना लेता था। जो जुर्माना अभी तक विद्युत नियामक आयोग द्वारा ही वसूला जाता था। मगर अब आयोग ने इसके लिए उपभोक्ताओं से सुझाव मांगे हैं। सुझाव प्राप्त होते ही आयोग इस रेगुलेशन को लागू कर देगा।
कब तक भेजना है सुझाव
जानकारी के अनुसार एक यूईआरसी स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन 2022 का ड्राफ्ट जारी किया गया है। जिसमें वोल्टेज के उतार चढ़ाव के कारण उपकरण जलने पर भी मुआवजा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। आयोग ने नए ड्राफ्ट में इसी तरह की कई और व्यवस्थाओं को लेकर जुर्माने और उपभोक्ताओं को हर्जाना देने की व्यवस्था भी की है। जिसके लिए आयोग ने उपभोक्ताओं से सुझाव मांगे हैं। जिस पर सभी उपभोक्ताओं को 11 जुलाई तक अपनी राय डाक, ई-मेल के माध्यम से भेजनी है। इसके अलावा अगर कोई उपभोक्ता अपनी राय लिखकर नहीं भेज पाया हो तो, आगामी 27 जुलाई को आयोग कार्यालय में सुबह 11 बजे आकर जनसुनवाई में सुझाव दे सकते हैं। सुझाव आने के बाद आयोग इस रेगुलेशन को लागू कर देगा।
कैसे मिलेगा मुआवजा
बताया जा रहा है कि 11 केवी और 33 केवी एचटी लाइन में फॉल्ट आने पर शहर, गांव में 12 घंटे में और पहाड़ पर बिना मोटर रोड वाले क्षेत्र में 24 घंटे में लाइट चालू करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर 20 रुपए प्रति घंटे की दर से जुर्माना लगेगा। जिसका उपभोक्ता को दस रुपये प्रति घंटे के हिसाब से मुआवजा मिलेगा। जबकि डिस्ट्रीब्यूशन लाइन, ट्रांसफार्मर, कैपेसिटर में खराबी पर एलटी लाइन 15 दिन में, एचटी लाइन 90 दिन में और ट्रांसफार्मर-कैपेसिटर 30 दिन के भीतर ठीक करना होगा। ऐसा नहीं करने पर 200 रुपए प्रतिदिन जुर्माना देना होगा। जिसमे से 100 रुपए प्रतिदिन उपभोक्ता को मिलेंगा।