– सचिवालय में गणतंत्र दिवस का भव्य आयोजन
देहरादून : गणतंत्र दिवस के मौके पर सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस मौके पर सचिवालय के सभी अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिजन मौजूद थे। मुख्य सचिव ने सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए इस राष्ट्रीय पर्व का महत्व समझाया।
संविधान का मूलमंत्र: समानता पर जोर
अपने प्रेरक संबोधन में रतूड़ी ने कहा कि हमारा संविधान समानता के सिद्धांत पर आधारित है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि गणतंत्र दिवस के इस अवसर पर हम अपनी बेटियों को समानता का अधिकार देने का संकल्प लें। उन्होंने कहा, “संविधान ने हमें बिना किसी भेदभाव के स्वतंत्रता और समानता का अधिकार दिया है। अब समय आ गया है कि हम अपने समाज में महिलाओं के साथ होने वाले किसी भी प्रकार के भेदभाव को खत्म करने के लिए आवाज उठाएं।”
महिलाओं को कार्यबल का हिस्सा बनाना जरूरी
मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के विकास को तेज गति देने के लिए महिलाओं को कार्यबल (वर्कफोर्स) में शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “यदि हमें राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) दोगुना करना है, तो अधिक से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर देकर वर्कफोर्स में जोड़ा जाना चाहिए। महिलाओं की भागीदारी के बिना विकसित भारत और सशक्त उत्तराखंड का सपना अधूरा है।”
भेदभाव के खिलाफ जागरूकता का आह्वान
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि समाज को संविधान के आदर्शों के करीब ले जाने के लिए हर नागरिक को संकल्प लेना होगा। उन्होंने कहा, “यदि हमारे आसपास महिलाओं के प्रति किसी भी प्रकार का भेदभाव होता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना हमारी जिम्मेदारी है। इस संकल्प से न केवल समाज बल्कि पूरे देश में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।”
उत्तराखंड को अग्रणी राज्य बनाने की उम्मीद
श्रीमती रतूड़ी ने उत्तराखंड की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड जल्द ही देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल होगा।
उत्साह और संकल्प से भरा गणतंत्र दिवस समारोह
गणतंत्र दिवस का यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि एक संकल्प भी, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और विकास के आदर्शों को नई ऊंचाई देने का वादा किया गया। सचिवालय के अधिकारी और कर्मचारी इस मौके पर देशभक्ति के जज्बे से सराबोर नजर आए।