उत्तराखंड पर्यटन का नया युग: सितारों से लेकर हिमालय दर्शन तक, अंतरराष्ट्रीय प्रवासी सम्मेलन में छाए अनोखे आयाम”

 

 

 

TMP: अंतरराष्ट्रीय प्रवासी उत्तराखंड सम्मेलन के द्वितीय सत्र में पर्यटन विशेषज्ञों और प्रवासी उत्तराखंडियों ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के सपने साझा किए। “कोविड के बाद भी चमक रहा है उत्तराखंड का पर्यटन सितारा,” अपर सचिव अभिषेक रोहेला ने कहा। उन्होंने साहसिक पर्यटन, शीतकालीन यात्रा, और होम स्टे जैसे इनोवेटिव प्रयासों को राज्य के विकास का अहम हिस्सा बताया।

हिमालय दर्शन और हेलीकॉप्टर सेवाओं का रोमांच
राजस एरो स्पोर्ट्स एंड एडवेंचर के सीईओ मनीष सैनी ने हिमालय दर्शन और हेली सेवाओं के जरिए दुर्गम क्षेत्रों को जोड़ने के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि हिमालय के अनदेखे स्थानों तक पर्यटकों को ले जाने के लिए हेलीकॉप्टर सेवाएं बेहद कारगर साबित हो रही हैं। जल्द ही जायरो एक्सपेडिशन शुरू करने की घोषणा ने रोमांच प्रेमियों को उत्साहित कर दिया।

ग्लैंपिंग और स्थानीय रोजगार के नए आयाम
ईको ग्लैंपस कानाताल के फाउंडर संजीव शर्मा ने कहा, “ग्लैंपिंग न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि सीमित संसाधनों के साथ स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देती है।” उन्होंने अपनी योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी को प्राथमिकता दी है, जिससे समुदायों में समग्र विकास हो रहा है।

सितारों के करीब: कौसानी में ‘नक्षत्र सभा’
स्टारकैप्स के मेंटर अमिताभ पांडेय ने एस्टो टूरिज्म (एस्ट्रोनॉमी टूरिज्म) को उत्तराखंड की नई पहचान बताया। उन्होंने कौसानी में स्थापित “नक्षत्र सभा” का अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य के वनों और पहाड़ों की प्राकृतिक खूबसूरती एस्टो टूरिज्म के लिए परफेक्ट है।

आयुष और वैलनेस में वैश्विक पहचान
आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. त्रिपाठी ने कहा, “ऋषिकेश वर्ल्ड कैपिटल ऑफ योगा है और अब इसे वर्ल्ड सिटी ऑफ वैलनेस के रूप में पहचान मिल रही है।” उन्होंने उत्तराखंड को दुर्लभ औषधीय पौधों का खजाना बताते हुए आयुष और वैलनेस टूरिज्म की संभावनाओं पर जोर दिया।

जापान से हरिद्वार और ऋषिकेश तक, पहाड़ों के लिए नई पहल
जापान से आए प्रवासी भुवन तिवारी ने बताया कि जापानी पर्यटक हरिद्वार और ऋषिकेश तक ही सीमित हैं। उन्होंने पहाड़ों के अन्य क्षेत्रों को जोड़ने और वहां पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत बताई।

विरासत, पर्यावरण, और रोजगार का मेल
ताज ग्रुप के जीएम मनोज मिश्रा ने बताया कि उनके 17 होटल राज्य में चल रहे हैं, और वे देहरादून में नए प्रोजेक्ट ला रहे हैं। उन्होंने कहा, “पर्यटन के जरिए हम न केवल पर्यावरण का ध्यान रखते हैं, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी पैदा कर रहे हैं।”

सम्मान और सत्र का समापन
सम्मेलन में प्रवासी उत्तराखंडियों और अन्य मेहमानों को सम्मानित किया गया। आरजे काव्य द्वारा संचालित इस सत्र ने उत्तराखंड के पर्यटन के उज्ज्वल भविष्य की एक नई तस्वीर पेश की।

“उत्तराखंड: साहसिक, वैलनेस और ग्लैंपिंग टूरिज्म से विश्व मंच पर बढ़ते कदम”
यह सत्र इस बात का प्रमाण था कि उत्तराखंड पर्यटन न केवल पर्यटकों को रोमांच और शांति प्रदान करता है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और विकास की नई राहें भी खोलता है।

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