सिलक्यारा टनल में कैद 41 श्रमिकों के धैर्य और जज्बे को आज पूरा देश कर रहा सलाम

सिलक्यारा टनल में 17-18 दिन तक कैद रहने के बावजूद भी अपने धैर्य और जज्बे के बल पर मिसाल पेश करने वाले 41 श्रमिकों के हौसले को आज पूरा देश सलाम कर रहा है | आपको बता दें कि इन श्रमिकों में उत्तराखंड के गब्बर सिंह नेगी ने  इस संकट की घड़ी में टनल में फंसे अपने साथियों का नेतृत्व कर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | 

टनल में फंसे मजदूरों ने की प्रधानमंत्री से बात 

बुधवार को जब इन श्रमिकों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की तो उत्तराखंड के गब्बर सिंह नेगी ने प्रधानमंत्री से बात करते हुए  कहा कि जब आप जैसे हमारे प्रधानमंत्री हैं, जो दूसरे देशों से मुसीबत में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस ले आए तो हम तो अपने ही देश में थे। हमारे लिए चिंता की कोई बात ही नहीं थी। सुरंग में फंसे रहे 41 श्रमिकों के लिए वे क्षण भी यादगार बन गए जब उन्होंने अपनी आपबीती प्रधानमंत्री को सुनाई।

श्रमिकों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि किस तरह सुरंग के भीतर सुबह की सैर और योग ने उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ ही मानसिक मजबूती भी दी। सभी श्रमिकों ने अभूतपूर्व और अनवरत मदद-चिंता के लिए केंद्र और उत्तराखंड सरकार, खासकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री जनरल (रि.) वीके सिंह का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने फंसे श्रमिकों की हर पल फिक्र की।
 
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