उत्तराखंड के चमोली जिले की भ्यूंडार वैली में स्थित यूनेस्को द्वारा घोषित विश्व धरोहर फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क आज मंगलवार को शीतकाल हेतु आम पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए बंद कर दिए गए हैं।
13 हजार 161 देशी विदेशी पर्यटकों ने नंदन कानन का किया दीदार
पार्क प्रशासन के ताजा आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार करीब 13 हजार 161 देशी विदेशी प्रकृति प्रेमियों ने नंदन कानन का दीदार किया, जो वर्ष 2022 के 20 हजार 827 पर्यटकों की तुलना में कम है, बावजूद इसके इस बार 12 हजार 707 देशी और 401 विदेशी पर्यटकों की आमद इस वर्ष घाटी में दर्ज हुई है, वही पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की आवाजाही घाटी में ठीक ठाक रिकॉर्ड की गई है,वहीं फूलों की घाटी राष्ट्रीय पार्क में आने वाले पर्यटकों से पार्क प्रशासन ने प्रवेश शुल्क के रूप में करीब 20 लाख 93 हजार 300 रुपए से अधिक का राजस्व प्राप्त किया है।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व धरोहर स्थल फूलों की घाटी नेशनल पार्क आज मंगलवार को शीतकाल के लिए पर्यटकों के बंद कर दी गयी है । कोरोना काल के बाद दूसरी बार विश्व धरोहर फूलों की घाटी में इस रिकॉर्ड तोड़ पर्यटक पहुंचे हैं। इस वर्ष घाटी में सबसे अधिक विदेशी पर्यटकों के आने का रिकॉर्ड है,जिसमें पिछले वर्ष 280 विदेशी पर्यटक घाटी के दीदार करने पहुंचे थे है। वन विभाग को अब तक 20 लाख 93हजार 300 रुपए से अधिक की आय हुई है जबकि पिछले वर्ष 31 लाख की आय हुई थी। लगभग 87.5 वर्ग किमी में फैली विश्व धरोहर फूलों की घाटी रंग बिरंगे अल्पाइन फूलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व विख्यात है।
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