सीएम पुष्कर सिंह धामी ने अतिवृष्टि से हो रहे नुकसान के सम्बन्ध में सचिवालय स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचकर जानकारी ली| साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी टिहरी एवं पौड़ी से फोन पर बातचीत करके इन जिलों में हुए नुकसान की भी जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा सीएम ने सभी जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि मौसम विभाग के पूर्वानुमान को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखें, जनपदों में खाद्यान से संबंधित सभी वस्तुओं के साथ ही दवाओं की भी पर्याप्त उपलब्धता रखी जाएं साथ ही सभी सहयोगी संस्थाओं से निरन्तर समन्वय बनाये रखें। इसके अलावा उन्होंने शासन के उच्चाधिकारियों एवं सचिव आपदा प्रबंधन को भी जिलाधिकारियों से निरन्तर समन्वय बनाये रखने के निर्देश दिये हैं।
पुनर्वास, रोजगार एवं प्रशिक्षण की सरकार करेगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अतिवृष्टि से बहुत लोग प्रभावित हुए हैं। कई लोगों ने अपने परिवार के लोगों को खोया तो कई लोग बेघर हुए हैं। अतिवृष्टि से प्रभावित ऐसे लोगों के लिए जल्द ही एक योजना लायी जा रही है। जिसमे बेघर हुए लोगों के लिए पुनर्वास व्यवस्था और साथ ही उनके रोजगार के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी की जायेगी। जिन बच्चों ने इस आपदा में अपने माता-पिता को खोया है, ऐसे बच्चों के लिए इस योजना के तहत शिक्षा का प्रबंध भी किया जायेगा।
अतिवृष्टि से राज्य की परिसम्पति को हुआ नुकसान
उन्होंने कहा कि अतिवृष्टि के कारण प्रदेश में आपदा की स्थिति पैदा हो गयी है। जिससे सड़कों, पुलों, मकानों, फसलों, बिजली एवं पानी की लाईनों का भी काफी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रदेश की लगभग एक हजार करोड़ से भी अधिक की परिसम्पति को नुकसान हुआ है। जिसके सम्बन्ध में भारत सरकार की टीम ने राज्य में हो रहे नुकसान का प्रारंभिक रूप में सर्वे भी कर लिया है। उन्होंने बताया की आपदा से हो रहे नुकसान का आकलन करने के लिए राज्य सरकार ने भी भारत सरकार को पत्र भेजा गया है।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी, सचिव श्री शैलेश बगोली, सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. रंजीत सिन्हा, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल, अपर सचिव श्री सविन बंसल एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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