देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता धीरेंद्र प्रताप ने राज्य में जारी भारी वर्षा की चेतावनी को लेकर धामी को घेरते हुए चारधाम यात्रा को तत्काल स्थगित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग के ताजा अलर्ट को हल्के में लेना यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा होगा।
धीरेंद्र प्रताप ने कहा कि प्रदेश के कई इलाकों में भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सरकार को चेताया कि “कठिन और संवेदनशील मार्गों पर थोड़ी सी भी लापरवाही या देरी जानलेवा साबित हो सकती है।”
“राजनीति नहीं, मानवीय संवेदनशीलता ज़रूरी”
धीरेंद्र प्रताप ने जोर देकर कहा कि इस वक्त सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनशीलता और ज़मीनी सच्चाई को समझने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार समय रहते प्रभावी और ठोस निर्णय लेती है, तो यह जनता के विश्वास को मजबूत करेगा और संभावित त्रासदियों को टालने में मदद मिलेगी।
वैकल्पिक व्यवस्था और मौसम अपडेट की मांग
कांग्रेस प्रवक्ता ने सरकार से यह भी आग्रह किया कि यात्रा स्थगन के साथ-साथ यात्रा मार्गों की सुरक्षा की गहन समीक्षा की जाए। जहां खतरा अधिक है, वहां वैकल्पिक रूट या अस्थायी समाधान सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही यात्रियों को मौसम संबंधी अपडेट लगातार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
“देश पहले ही दुर्घटनाओं से गुज़र रहा है”
धीरेंद्र प्रताप ने देश में हाल ही में हुई हेलीकॉप्टर और विमान दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अगर समय रहते सतर्कता नहीं बरती गई, तो चारधाम यात्रा जैसे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में बड़ी दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
धीरेंद्र प्रताप की यह मांग सरकार के लिए एक चेतावनी है, जो यात्रा के प्रति प्रशासनिक सजगता और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े करती है। अब देखना यह है कि सरकार त्वरित फैसला लेती है या फिर हालात बिगड़ने का इंतज़ार करती है।
