उत्तरकाशी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले मुखबा गांव का कायाकल्प शुरू हो गया है। मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल के रूप में प्रसिद्ध यह गांव नई रंगत में सजकर स्वागत की तैयारियों में जुटा है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के प्रयास से यहां की परंपरा, संस्कृति और भव्यता को निखारा जा रहा है।
लाल छतों से बदली गांव की सूरत
पहले चरण में गांव के घरों की छतों को पारंपरिक लाल रंग से रंगा जा रहा है। पहाड़ी शैली में बने घरों की एकरूपता ने गांव की खूबसूरती को चार चांद लगा दिए हैं। अब यह नजारा पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन गया है।
पैदल मार्ग का होगा समतलीकरण, व्यू पॉइंट निर्माण भी जारी
मुखबा गांव में मां गंगा के मंदिर तक जाने वाले पैदल मार्ग को भी दुरुस्त किया जा रहा है। रास्ते में सीढ़ियों को तोड़कर समतल बनाया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री बिना किसी परेशानी के मंदिर तक पहुंच सकें। व्यू पॉइंट का भी निर्माण तेजी से हो रहा है, जहां से आने वाले श्रद्धालु गांव और मंदिर का अद्भुत नजारा देख सकेंगे।
सज-धज रहे ऐतिहासिक मंदिर
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन से पहले समेश्वर और नरसिंह देवता के मंदिरों को भी पहाड़ी शैली में सजाया जा रहा है। इन ऐतिहासिक मंदिरों का महत्व उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा हुआ है, और इन्हें नई चमक दी जा रही है।
हर्षिल में बीआरओ ने तैयार की पक्की पुलिया
पीएम मोदी की यात्रा को सुगम बनाने के लिए बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने हर्षिल में तेलगाड़ पर एक पक्की पुलिया का निर्माण पूरा कर लिया है। इससे यात्रियों की आवाजाही और सुगम हो जाएगी।
गढ़ भोज से होगा स्वागत, पहाड़ी संस्कृति की झलक
पीएम मोदी के स्वागत के लिए होटल एसोसिएशन और जिला पर्यटन विभाग मिलकर गढ़ भोज और पहाड़ी परंपराओं की प्रदर्शनी आयोजित करेंगे। इस दौरान उत्तराखंड की पारंपरिक व्यंजन परोसे जाएंगे और स्थानीय लोक संस्कृति की झलक भी पीएम को दिखाई जाएगी।
अंतिम चरण में तैयारियां, गांववासियों में उत्साह
पीएम मोदी के प्रस्तावित दौरे से पहले मुखबा गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल रही है। ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है, और वे अपने गांव को संवारने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उत्तराखंड की परंपरा, आस्था और संस्कृति का यह भव्य संगम जल्द ही देखने को मिलेगा।