देहरादून: उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और मोबाइल कनेक्टिविटी तक सुधारने की दिशा में शासन ने सख्ती दिखाई है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने त्यूणी उप जिला अस्पताल को 15 नवंबर तक संचालित करने और कोल्ड स्टोरेज के संचालन में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को सचिवालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को कोल्ड स्टोरेज संचालन के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और विशेषज्ञता उपलब्ध कराई जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
वहीं, प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क से वंचित इलाकों की पहचान कर जल्द रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी नेटवर्क विहीन स्थानों का किलोमीटर के हिसाब से विवरण तैयार किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने त्यूणी अस्पताल में 15 नवंबर तक चिकित्सक, उपकरण और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा। इसके साथ ही सरकारी स्कूलों में स्वच्छता, शौचालयों की साफ-सफाई और भवनों की मरम्मत को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारियों से विकास योजनाओं के प्रस्ताव भेजने से पहले लागत और लाभ का आकलन करने को भी कहा, ताकि सरकारी धन का उपयोग जरूरत और उपयोगिता के आधार पर सुनिश्चित किया जा सके।

