देहरादून: उत्तराखंड में विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने ₹1252 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। इन फैसलों से जहां कुम्भ मेला-2027 की तैयारियां तेज होंगी, वहीं आधारभूत ढांचे, शिक्षा, पर्यटन और आपदा प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।
कुम्भ और गंगा कॉरिडोर को मिलेगा नया रूप
- ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर में त्रिवेणी घाट पुनरुद्धार के लिए ₹115 करोड़
- हरिद्वार गंगा कॉरिडोर में नॉर्थ हर की पौड़ी विकास हेतु ₹69.06 करोड़
- कुम्भ मेला-2027 के लिए जल आपूर्ति, सड़क मरम्मत और बिजली लाइन शिफ्टिंग पर भी करोड़ों की मंजूरी
टिहरी झील रिंग रोड को बढ़ावा
टिहरी झील के चारों ओर 28.6 किमी रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण, एनपीवी और अन्य कार्यों हेतु पहली किश्त में ₹56.07 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन और कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
धारचूला में एस्ट्रो टूरिज्म को बढ़ावा
पिथौरागढ़ के धारचूला क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर मार्ग पर इग्लू डोम हट्स के निर्माण के लिए ₹4.67 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
यह परियोजना उत्तराखंड को एस्ट्रो टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
शिक्षा क्षेत्र को बड़ी राहत
- समग्र शिक्षा के तहत वेतन और भत्तों के लिए ₹446 करोड़ का प्रावधान
- अशासकीय महाविद्यालयों के लिए ₹77.69 करोड़ (पहली छमाही के लिए जारी)
स्वास्थ्य, आवास और बुनियादी सुविधाएं
- शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र योजना के लिए ₹56.35 करोड़
- लोहाघाट में पार्किंग, टनकपुर में पुलिस आवास, रायपुर (देहरादून) में बाढ़ सुरक्षा कार्यों को मंजूरी
विधायक निधि से स्थानीय विकास
राज्य के 70 विधायकों को ₹5 करोड़ प्रति विधायक के हिसाब से कुल ₹350 करोड़ की धनराशि जारी की गई है, जिससे क्षेत्रीय विकास कार्यों को गति मिलेगी।
आपदा प्रबंधन के लिए विशेष फंड
राज्य के सभी जिलों में आपदा न्यूनीकरण के लिए ₹13 करोड़ जारी किए गए हैं, ताकि संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
कुल मिलाकर, यह बजट उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और आपदा प्रबंधन को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
