हरिद्वार: 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेला-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए उत्तराखंड सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हरिद्वार में आयोजित अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक में उत्तराखंड समेत सात राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर साझा रणनीति तैयार की।
बैठक में फैसला लिया गया कि उत्तराखंड की सीमाओं पर पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ संयुक्त चेकपोस्ट और बैरियर स्थापित किए जाएंगे, जबकि सभी राज्यों के बीच रियल-टाइम सूचना साझा करने के लिए विशेष समन्वय तंत्र विकसित किया जाएगा। आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के जरिए अफवाहों पर भी तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर (एक्सप्रेस-वे) का उपयोग कांवड़ यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को पहले से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
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उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर पर्याप्त पेयजल, चिकित्सा सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग, साइनेज और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं को वैध पहचान पत्र साथ रखने और प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ यात्रा न करने के लिए जागरूक करने पर भी जोर दिया गया।
हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि 30 जुलाई से 11 अगस्त तक चलने वाले मेले में 5 अगस्त के बाद श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ेगी, जबकि 8 अगस्त से शुरू होने वाला डाक कांवड़ चरण सबसे चुनौतीपूर्ण रहेगा।
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के अलावा आईटीबीपी, एसएसबी, सीआरपीएफ, आरपीएफ, एनडीआरएफ और रेलवे के अधिकारियों ने भी भाग लिया।
बैठक से पहले मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में मां गंगा की पूजा-अर्चना कर कांवड़ मेला-2026 के सुरक्षित और सफल आयोजन की कामना की।
