कांवड़ मेला 2025: शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन को लेकर पांच राज्यों की बैठक, रियल टाइम मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक पर ज़ोर

 

 

हरिद्वार: आगामी कांवड़ मेला 2025 को सरल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण इंटरस्टेट समन्वय बैठक का आयोजन मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सीसीआर सभागार, हरिद्वार में किया गया। इस बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली व राजस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑफलाइन और ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।

मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ मेला आस्था और श्रद्धा का विशाल आयोजन है, जिसकी सफलता सभी राज्यों के सामूहिक समन्वय और आधुनिक प्रबंधन पर निर्भर करती है। उन्होंने सभी राज्यों से रियल टाइम डेटा और इनपुट्स साझा करने, कानून व्यवस्था बनाए रखने, तथा भविष्य के कुंभ मेले को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख निर्देश व निर्णय:

  • कांवड़ यात्रा मार्ग पर ‘क्या करें और क्या न करें’ की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।

  • सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को मजबूत किया जाए, अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

  • डीजे संचालन, शराब और मांस बिक्री पर बनी एसओपी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • यात्रा मार्ग पर ढाबों और होटलों में सुरक्षा मानकों का पालन और रेट लिस्ट का अनिवार्य चस्पा।

  • आवश्यकता पड़ने पर भेल पार्किंग का उपयोग किया जाए।

  • कांवड़ की ऊंचाई 10 फीट से अधिक न हो, इस पर भी निगरानी रखी जाए।

  • दूसरे राज्यों को समय-समय पर हरिद्वार की पार्किंग स्थिति से अवगत कराना।

सुरक्षा पर विशेष ज़ोर:

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि हर आयोजन नई चुनौतियां लेकर आता है, इसलिए सुरक्षा दृष्टि से रियल टाइम सूचना आदान-प्रदान, अफवाहों का एकीकृत खंडन, और प्रशिक्षित कार्मिकों की तैनाती अनिवार्य है।

कांवड़ मेला 2025 को एक आधुनिक, तकनीक-सहायित और समन्वित आयोजन बनाने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण पहल रही। राज्य सरकारों की साझा प्रतिबद्धता से उम्मीद की जा रही है कि यह मेला भी श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का आदर्श उदाहरण बनेगा।

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