आईएमए से निकलेंगे 481 नए सैन्य अधिकारी, राष्ट्रपति मुर्मु की मौजूदगी में गूंजेगा ‘अंतिम पग’ का गौरव

 

 

 

देहरादून: भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) एक बार फिर देश को नए सैन्य नेतृत्व की सौगात देने जा रही है। शनिवार को आयोजित होने वाली भव्य पासिंग आउट परेड में 515 जेंटलमैन और महिला कैडेट अपने प्रशिक्षण की अंतिम परीक्षा पार कर सैन्य जीवन की नई यात्रा शुरू करेंगे। इनमें 481 भारतीय कैडेट भारतीय सेना के विभिन्न अंगों में अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।

अकादमी के ऐतिहासिक ड्रिल स्क्वायर पर आयोजित होने वाले इस गरिमामय समारोह की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति Droupadi Murmu होंगी। उनके समक्ष कैडेट ‘अंतिम पग’ भरकर राष्ट्रसेवा के संकल्प को साकार करेंगे।

इतिहास रचेगी इस बार की परेड

इस वर्ष की पासिंग आउट परेड कई मायनों में विशेष रहने वाली है। पहली बार महिला कैडेट भी पुरुष कैडेटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर परेड का हिस्सा बनेंगी। राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) में महिला प्रवेश की शुरुआत के बाद यह अवसर भारतीय सैन्य प्रशिक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

तीन वर्षों के कठोर प्रशिक्षण के बाद सेना में सेवा का विकल्प चुनने वाली नौ महिला कैडेट आईएमए से अंतिम सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर अब अधिकारी के रूप में देश की सेवा के लिए तैयार हैं।

16 देशों के कैडेट भी होंगे पास आउट

इस भव्य आयोजन में भारत के अलावा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी प्रशिक्षण पूर्ण कर अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में शामिल होंगे। आईएमए में प्राप्त सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ ये कैडेट भारत के साथ मजबूत मित्रता और सहयोग की भावना भी अपने साथ लेकर जाएंगे।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

राष्ट्रपति के आगमन को देखते हुए देहरादून और आईएमए परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। अकादमी के भीतर सुरक्षा की जिम्मेदारी सेना के पास है, जबकि बाहरी क्षेत्रों में पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां चौकसी बनाए हुए हैं। पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि समारोह शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो सके।

परेड की प्रमुख झलकियां

  • कुल पास आउट कैडेट : 515
  • भारतीय सैन्य अधिकारी बनने वाले कैडेट : 481
  • महिला कैडेट (सेना विंग) : 09
  • विदेशी कैडेट : 34
  • शामिल मित्र देश : 16
  • मुख्य अतिथि : राष्ट्रपति Droupadi Murmu

आईएमए की यह पासिंग आउट परेड केवल एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए समर्पण, अनुशासन और नेतृत्व की उस परंपरा का उत्सव है, जो भारतीय सेना को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी के जांबाज अधिकारी प्रदान करती है।

 
 
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