देहरादून/रामनगर: उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयासरत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को रामनगर के छोई स्थित श्री हनुमान धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की और चारधाम यात्रा को और बेहतर बनाने के संकल्प को दोहराया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पहचान उसकी आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी है, जिसे सहेजना और आगे बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और यात्रा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि हनुमान धाम आने की उनकी लंबे समय से इच्छा थी, जो इस बार पूर्ण हुई। उन्होंने इसे बजरंगबली की कृपा बताते हुए प्रदेशवासियों के कल्याण की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में आस्था से जुड़े ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उत्तराखंड के केदारनाथ व बद्रीनाथ धामों में हो रहे विकास कार्यों से देशभर के श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में केदारखंड और मानसखंड क्षेत्रों के मंदिरों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यटन सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है, जिससे हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हो रही है। साथ ही, वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है और अब तक लाखों श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सके।
उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार के इन प्रयासों से उत्तराखंड की धार्मिक पहचान और मजबूत होगी तथा राज्य वैश्विक स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा।