कुंभ 2027 की उलटी गिनती शुरू: हरिद्वार बाईपास पर सख्ती, हफ्ते-दर-हफ्ते होगी समीक्षा

 

 

 

 

हरिद्वार: महाकुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने गुरुवार को हरिद्वार में निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समयसीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

बाईपास परियोजना पर विशेष फोकस

हरिद्वार बाईपास रिंग रोड को लेकर मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने साप्ताहिक लक्ष्य तय कर नियमित समीक्षा करने और परियोजना को कुंभ से पहले हर हाल में पूरा करने को कहा।

घाटों को मिलेगा ‘ग्रीन’ लुक

निरीक्षण के दौरान शहीद भगत सिंह घाट (कामधेनु घाट) से सिंहद्वार तक बन रहे घाटों और बैरागी कैंप क्षेत्र का जायजा लिया गया। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि घाटों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए और ‘ग्रीन घाट’ की अवधारणा के तहत हरित पट्टियों, फूलों और पौधों से सजाया जाए।

साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए रैंप, चेंजिंग रूम और स्वच्छ प्रसाधन की व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा गया।

सड़कों और पुलों पर तेजी के निर्देश

ज्वालापुर–ईदगाह मार्ग पर पथरी रौ नदी के पुल, बहादराबाद–सिडकुल मार्ग के चौड़ीकरण और धनौरी लिंक रोड पर बन रहे पुल की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसियों को समयबद्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ट्रैफिक और फ्लाईओवर भी प्राथमिकता में

दिल्ली हाईवे पर बन रहे फ्लाईओवर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मुख्य सचिव ने इसकी दैनिक मॉनिटरिंग के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान यातायात प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होगी, इसलिए अभी से तैयारी जरूरी है।

पेयजल और बुनियादी सुविधाओं पर जोर

बैरागी कैंप में 1500 किलोलीटर क्षमता के ओवरहेड टैंक सहित जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो।

AI आधारित निगरानी की तैयारी

मुख्य सचिव ने मेला नियंत्रण भवन में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक आईटी तकनीकों के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि कुंभ मेला-2027 केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। ऐसे में सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देनी होगी।

 
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