देहरादून: राजधानी देहरादून को आधुनिक सुविधाओं से लैस करते हुए उसकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जुगमन्दर हॉल के जीर्णोद्धार कार्य का लोकार्पण किया और शहर में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया।
करीब 2.32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट के साथ ही केदारपुरम क्षेत्र में कैनाल निर्माण और नगर निगम क्षेत्र के छह स्थानों पर पार्कों के विकास एवं सौंदर्यीकरण की शुरुआत भी की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “विकास भी, विरासत भी” के मंत्र के साथ काम कर रही है, जिससे देहरादून की ऐतिहासिक पहचान को सहेजते हुए उसे आधुनिक शहर के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में शहरी विकास को नई दिशा मिली है, जिसका प्रभाव उत्तराखंड के शहरों में भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बताया कि देहरादून में 1400 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें ठोस कचरा प्रबंधन, जल आपूर्ति, हरित क्षेत्र विस्तार और स्मार्ट सुविधाओं का विकास शामिल है। शहर में कूड़ा निस्तारण के लिए आधुनिक ट्रांसफर स्टेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं।
हरित देहरादून के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए 35 से अधिक पार्क विकसित किए गए हैं, जबकि केदारपुरम में योगा थीम पर आधारित बड़े पार्क का निर्माण किया गया है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के तहत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन और चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के शुरू होने से शहर में यातायात दबाव बढ़ेगा, इसलिए पार्किंग, पेयजल और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर पहले से तैयारी की जा रही है। साथ ही रिस्पना और बिंदाल नदियों के ऊपर एलिवेटेड रोड निर्माण की योजना भी तैयार की जा रही है, जिससे जाम की समस्या में राहत मिलेगी।
नगर निगम के कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में निगम के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और कचरा संग्रहण व्यवस्था भी मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त रखना सरकार की प्राथमिकता है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे देहरादून को स्वच्छ, सुंदर और आधुनिक शहर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाएं।