देहरादून: ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक के कक्ष में हुई मारपीट और हंगामे के मामले में नया मोड़ सामने आया है। इस प्रकरण में विधायक उमेश शर्मा काऊ के गनर ने भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
विधायक के गनर सुधीर बहुगुणा की ओर से दी गई तहरीर में बताया गया है कि विधायक दोपहर करीब 12:30 बजे शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। वे एक विद्यालय का नाम भूमि दान करने वालों के नाम पर रखे जाने से संबंधित पत्र की प्रगति की जानकारी लेने और शासन को भेजे गए पत्र की प्रति प्राप्त करने के उद्देश्य से वहां गए थे।
तहरीर के अनुसार, कार्यालय में पहले से मौजूद कुछ लोगों ने अचानक शोरगुल शुरू कर दिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने मोबाइल फोन उठाकर विधायक की ओर फेंका, जो उनके कंधे से नीचे गिर गया और किसी अज्ञात व्यक्ति को जा लगा। इसके बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई।
सुरक्षाकर्मियों का आरोप है कि कुछ लोगों ने सरकार और मुख्यमंत्री के विरोध में नारेबाजी करते हुए भीड़ को उकसाया। इतना ही नहीं, बाहर से कमरे का दरवाजा बंद कर विधायक और उनके सुरक्षाकर्मियों को अंदर ही बंद कर दिया गया। आरोप है कि हंगामे के दौरान कुर्सियां भी फेंकी गईं, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई।
काफी प्रयासों के बाद विधायक को सुरक्षित बाहर निकाला गया और वाहन तक पहुंचाया गया। गनर की तहरीर में पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताया गया है।
रायपुर थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। उपलब्ध साक्ष्यों और बयान के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
