देहरादून: भारत निर्वाचन आयोग के निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखवीर सिंह संधु ने मंगलवार को देहरादून में चुनाव संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मतदान प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए कई अहम निर्देश जारी किए। उन्होंने विशेष रूप से युवा मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रदेश में चल रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 1,000 नए पोलिंग बूथ स्थापित किए जा रहे हैं ताकि दूर-दराज क्षेत्रों के मतदाताओं को सुविधा मिल सके। साथ ही 2 किलोमीटर से अधिक दूरी वाले बूथों को नए मानकों के अनुसार पुनर्संरचित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मिलेगी नई धार
निर्वाचन आयुक्त ने निर्देश दिए कि राज्य और जिला स्तर पर मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण के लिए गढ़वाल और कुमाऊं में अलग-अलग ट्रेनिंग सेंटर चिन्हित किए जाएं। साथ ही मास्टर ट्रेनर्स की एक कुशल टीम तैयार करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि समय-समय पर प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकें।
बीएलए की नियुक्ति में राजनीतिक दलों से सहयोग का आह्वान
डॉ. संधु ने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) की तैनाती के लिए राजनीतिक दलों से समन्वय को तेज करने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलए की नियुक्ति की प्रक्रिया गतिमान है और इसे अगस्त-सितंबर में पूर्ण किया जाएगा।
राज्य में विशेष पुनरीक्षण अभियान का खाका तैयार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में विशेष सघन पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है, जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने के कार्य में तेजी लाई जाएगी। यह बैठक राज्य में स्वच्छ, पारदर्शी और भागीदारी आधारित चुनाव प्रक्रिया को मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई है।
