देहरादून : उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। प्रदेश के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शुक्रवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर जिला एवं उपजिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सभी जिला एवं उपजिला अस्पतालों में सामान्य चिकित्सकों के साथ-साथ शल्य चिकित्सक, स्त्री रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाए। उन्होंने कहा कि NICU, SNCU और PICU जैसी गहन चिकित्सा सुविधाओं को प्रत्येक प्रमुख अस्पताल में सुसज्जित किया जाना चाहिए।
उन्होंने राज्य के उन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) का भी विशेष उल्लेख किया जहां मरीजों की संख्या अधिक है या जो दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा का आधार हैं। ऐसे सभी सीएचसी को फिजिशियन, सर्जन, विशेषज्ञ चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट और टेक्नीशियनों से सुसज्जित किया जाएगा।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बैठक में बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों, उपकरणों और सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने अस्पतालों में स्टाफ की मौजूदा स्थिति और जरूरतों की विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
बैठक में महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा एवं निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना की उपस्थिति भी रही। सभी अधिकारियों ने इस दिशा में समन्वय बनाकर तीव्र गति से कार्य करने का संकल्प दोहराया। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में राज्य के हर नागरिक को बेहतर, सुलभ और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उनके निकटतम अस्पताल में उपलब्ध कराई जा सकें।
