देहरादून: राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में लगातार 14 घंटे की मूसलधार बारिश ने आपदा जैसे हालात पैदा कर दिए। रिस्पना और बिंदाल समेत सभी नदियां उफान पर हैं, जबकि 91 स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। दीपनगर में भूस्खलन से मकानों को नुकसान पहुंचा, तपोवन में सात मवेशी बह गए और कई कॉलोनियों में पानी भर गया।
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भारी बारिश का असर: करीब 14 घंटे की मूसलाधार बारिश से देहरादून शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, कॉलोनियों और नदियों का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से ऊपर चला गया।
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नदियों में उफान: रिस्पना, बिंदाल और तमसा जैसी नदियां उफान पर आ गईं, कई स्थानों पर पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया। तपोवन में सात मवेशी बह गए।
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भूस्खलन और नुकसान: दीपनगर में नदी किनारे भूस्खलन से मकानों को नुकसान, बापूनगर में पुश्ता ढहने से खतरा, राजीव नगर में घरों में पानी भरने से लोगों को गेस्ट हाउस में शिफ्ट किया गया।
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राहत-बचाव कार्य: जिलाधिकारी ने त्वरित प्रतिक्रिया टीमों (QRT) को अलर्ट किया, 91 स्थानों पर जलभराव की शिकायतें मिलीं, SDRF और पुलिस ने कई फंसे लोगों को बचाया।
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सड़क यातायात बाधित: सहस्त्रधारा रोड, IT पार्क क्षेत्र और अन्य जगहों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित, कई दुपहिया वाहन सवार घायल।
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सामाजिक प्रतिक्रिया: कुछ स्थानीय पार्षद और नेताओं ने हालात का जायजा लिया, सालावाला वार्ड में जलभराव को लेकर तंज भी कसा गया।
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धार्मिक स्थल पर असर: टपकेश्वर महादेव मंदिर के पास तमसा नदी विकराल रूप में आ गई, सुरक्षा के लिए श्रद्धालुओं को नदी तट से दूर रखा गया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने पूरे दिन हालात की निगरानी की और क्यूआरटी, पुलिस व एसडीआरएफ टीमों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। तमसा नदी और अन्य गदेरों के उफान के कारण टपकेश्वर महादेव मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई।
