देहरादून: उत्तराखंड में बारिश का कहर लगातार जारी है। पांच जिलों में जारी रेड अलर्ट के बीच सोमवार सुबह से ही प्रदेशभर में मूसलाधार बारिश हो रही है। जगह-जगह भूस्खलन से सड़कों पर यातायात बाधित है और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
1. प्रदेश के सभी जिलों में कक्षा 12 तक के विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
2. सोनप्रयाग-मुनकटिया मार्ग पर केदारनाथ जा रहे यात्रियों की बोलेरो पर पहाड़ी से बोल्डर और मलबा गिरने से बड़ा हादसा हुआ। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ यात्री घायल हो गए।
3. गंभीर रूप से घायल दो यात्रियों को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा:
लगातार बारिश से प्रमुख नदियां उफान पर हैं। बागेश्वर के आपदाग्रस्त पौंसरी में बिजली, पानी, सड़क और संचार सेवाएं ठप हैं। वहीं, टनकपुर-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग चौथे दिन भी बंद पड़ा है।
मार्ग अवरुद्ध:
पूर्णागिरि धाम को जाने वाला ककरालीगेट-ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग और धूनाघाट-भिंगराडा-रीठा राज्य मार्ग बंद हैं। एहतियातन भारत-नेपाल के बीच शारदा बैराज पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
खटीमा में बाढ़ का कहर:
ऊधमसिंह नगर के खटीमा में धौरा नाला उफनने से देर रात 43 परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। सोमवार सुबह फिर से 19 परिवार बाढ़ की चपेट में आ गए। SDRF टीम ने 17 परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया है, जबकि दो परिवार अभी भी फंसे हुए हैं।
सीमा पर भी संकट:
चमोली जिले में चीन सीमा को जोड़ने वाला हाईवे भी प्रभावित हुआ है। मलारी नीति में तमक नाले का पुल बह जाने से सेना, ITBP जवानों और स्थानीय लोगों की आवाजाही ठप हो गई है।
