देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री अंत्योदय निश्शुल्क गैस रिफिल योजना के लाभार्थियों को रसोई गैस भरने हेतु सीधे खाते में राशि (DBT) के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि यह राशि केवल गैस रिफिलिंग के लिए ही प्रयुक्त हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 1.84 लाख अंत्योदय कार्डधारक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर पात्र व्यक्ति को योजना का शत-प्रतिशत लाभ मिले। गौरतलब है कि यह योजना लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य है।
फर्जी राशन कार्ड धारकों की होगी पहचान और कार्रवाई
बैठक में मुख्यमंत्री ने फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि कोई राशन विक्रेता या अधिकारी अनियमितता करता पाया जाता है, तो उसे तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि हर माह सभी कार्डधारकों को समय पर पूरा राशन मिलना चाहिए।
बायोमीट्रिक से वंचित न हों पात्र लोग
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पंजीकृत सभी लाभार्थियों का डाटा अद्यतन करने के निर्देश देते हुए कहा कि बायोमीट्रिक से वंचित वरिष्ठ नागरिकों या अन्य पात्र व्यक्तियों को राशन से वंचित न किया जाए। ऐसे मामलों में ऑफलाइन प्रमाणीकरण या वैकल्पिक वितरण प्रणाली अपनाई जाए।
खाद्यान्न भंडारण और वितरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य में भंडारण क्षमता की समीक्षा, गोदामों के आधुनिकीकरण, बफर स्टॉक योजना, और मिड-डे मील व आंगनबाड़ी केंद्रों को समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में पूर्व स्टॉकिंग की व्यवस्था को भी मजबूत करने के निर्देश दिए।
ई-पूर्ति पोर्टल की निगरानी और तकनीकी सशक्तिकरण
मुख्यमंत्री ने ई-पूर्ति पोर्टल पर रियल टाइम ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग, आधार सीडिंग और मोबाइल OTP आधारित वितरण प्रणाली को और सशक्त बनाने के निर्देश दिए। साथ ही वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने पर बल दिया ताकि कोई भी नागरिक कहीं से भी राशन प्राप्त कर सके।
