देहरादून: रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान (DGRE), चंडीगढ़ द्वारा 24 जनवरी 2026 को जारी एवलांच वार्निंग बुलेटिन के अनुसार उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में हिमस्खलन की संभावनाओं को देखते हुए सतर्कता बरतने की आवश्यकता जताई गई है। यह चेतावनी 24 जनवरी सायं 5:00 बजे से 25 जनवरी सायं 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगी।
DGRE के अनुसार जनपद उत्तरकाशी में 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन खतरा स्तर–2 (येलो) दर्ज किया गया है, जबकि चमोली जनपद में 3000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में खतरा स्तर–3 (ऑरेंज) बताया गया है। इसके अतिरिक्त रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ एवं बागेश्वर जनपदों में भी 2800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर खतरा स्तर–2 (येलो) दर्शाया गया है।
DGRE के अनुसार इन क्षेत्रों में बर्फ की स्थिति आंशिक रूप से अस्थिर है तथा कुछ स्थानों पर प्राकृतिक हिमस्खलन की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से चमोली के ऊँचाई वाले क्षेत्रों में मध्यम आकार के हिमस्खलन संभावित हैं।
इस चेतावनी के दृष्टिगत राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित जनपदों को अलर्ट पर रखा है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि ऊँचाई वाले संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही पर नियंत्रण रखें, पर्यटकों एवं स्थानीय नागरिकों को सतर्क करें तथा राहत एवं बचाव दलों को तैयार अवस्था में रखें।
सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा कर रहे लोगों, ट्रेकर्स, चरवाहों एवं स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचें, प्रशासन द्वारा जारी परामर्शों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत जिला प्रशासन या राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से संपर्क करें।
राज्य सरकार द्वारा स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है तथा DGRE एवं मौसम विभाग से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
