देवभूमि की अस्मिता पर सख़्त प्रहार: ‘ऑपरेशन कालनेमि’ में 4,800 से अधिक सत्यापन, 724 मुकदमे और 511 गिरफ्तारियाँ

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक पहचान की रक्षा को लेकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, परंपरा और विश्वास का केंद्र है, जिसकी गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

इसी संकल्प के तहत राज्य सरकार ने धर्म और आस्था की आड़ में पाखंड, ठगी, अवैध गतिविधियों और संदिग्ध तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए “ऑपरेशन कालनेमि” को 10 जुलाई से प्रदेशभर में लागू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देवभूमि की पवित्रता बनाए रखते हुए कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और आम जनता के विश्वास की रक्षा करना है।

ऑपरेशन कालनेमि के तहत प्रदेश के संवेदनशील जिलों में व्यापक स्तर पर सत्यापन और प्रवर्तन की कार्रवाई की गई।

हरिद्वार जनपद में 3,091 व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 715 मामलों में अभियोग पंजीकृत किए गए और 305 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।

देहरादून जनपद में 1,711 व्यक्तियों का सत्यापन करते हुए 206 गिरफ्तारियाँ की गईं। यहां 9 अभियोग पंजीकृत किए गए, जबकि 380 व्यक्तियों के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी सख़्त कदम उठाए गए।

ऊधमसिंहनगर जनपद में 220 संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए गंभीर मामलों में अभियोग दर्ज किए गए।

प्रदेश स्तर पर अब तक इस अभियान के अंतर्गत 4,802 से अधिक व्यक्तियों का सत्यापन, 724 अभियोगों का पंजीकरण और 511 गिरफ्तारियाँ की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त अवैध रूप से रह रहे 19 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से 10 को डिपोर्ट किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में विधिक प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान किसी भी वर्ग या समुदाय के विरुद्ध नहीं है, बल्कि कानून, व्यवस्था और देवभूमि की गरिमा की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आस्था का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन आस्था की आड़ में अपराध, पाखंड और धोखाधड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस तरह की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। देवभूमि की अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है, और ऑपरेशन कालनेमि इसी दृढ़ प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है।

 
 
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