काशीपुर: उत्तराखंड की रजत जयंती वर्ष श्रृंखला के अंतर्गत मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर में आयोजित राज्य स्तरीय शहरी विकास सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने ₹46 करोड़ 24 लाख की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही दिव्यांग सशक्तिकरण कौशल विकास वाहन तथा नगर निगम काशीपुर के 14 कूड़ा वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
“शहरों में बसते हैं नागरिकों के सपने” — मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के शुरुआती वर्षों में संसाधनों की कमी और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड ने 25 वर्षों की यात्रा में विकास, समृद्धि और सुशासन के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
“किसी राज्य की आत्मा उसके गाँवों में बसती है,
पर शहरों में उसके नागरिकों के सपने और आकांक्षाएँ आकार लेते हैं।”
उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय केवल 63 निकाय और एक नगर निगम (देहरादून) था, जबकि आज उत्तराखंड में 107 नगरीय निकाय और 11 नगर निगम सक्रिय रूप से विकास कार्यों में जुटे हैं।
शहरी विकास का बजट 25 वर्षों में 55 करोड़ से बढ़कर 1300 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्माण के समय शहरी विकास विभाग का बजट ₹55 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹1300 करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस विकास यात्रा में शहरों ने न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाए हैं।
‘स्मार्ट सिटी से स्वच्छ भारत तक’ — योजनाओं की झलक
मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा —
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स्वच्छ भारत मिशन ने देशभर में स्वच्छता की नई संस्कृति विकसित की।
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अमृत योजना से जल आपूर्ति, सीवरेज और हरित क्षेत्र सशक्त हुए।
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स्मार्ट सिटी मिशन ने तकनीक आधारित आधुनिक नगरों की परिकल्पना को साकार किया।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाखों परिवारों को अपने घर का सपना पूरा हुआ।
शहरी गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की नई पहल
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार प्रदेश में ₹82.5 करोड़ की लागत से 52 निकायों में 115 अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि शहरी गरीबों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकें।
काशीपुर को मिलेगी विकास की नई पहचान
काशीपुर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना के तहत आधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है।
इसके अलावा —
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₹1100 करोड़ की औद्योगिक हब परियोजना और
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₹100 करोड़ की अरोमा पार्क परियोजना
क्षेत्र में रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी।
