रजत जयंती पर CM धामी का ऐतिहासिक संबोधन – 26 गुना बढ़ी अर्थव्यवस्था, 18 गुना बढ़ी प्रति व्यक्ति आय

 

 

 

 

TMP: उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर विधानसभा के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को राज्य की 25 वर्ष की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तृत व ऐतिहासिक संबोधन दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि यह वर्षों के संघर्ष, असीम त्याग और हजारों आंदोलनकारियों के बलिदान की परिणति है। उन्होंने राज्य आंदोलन में प्राणों की आहुति देने वाले सभी हुतात्माओं, आंदोलनकारियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों, मुख्यमंत्रियों व जनप्रतिनिधियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तराखंड आज देश के अग्रणी राज्यों में शुमार है। राज्य की अर्थव्यवस्था का आकार 26 गुना बढ़ा है और प्रति व्यक्ति आय में 18 गुना की वृद्धि हुई है। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि किसानों की आय वृद्धि दर में भी राज्य ने राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राज्य सरकार ने 30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की हैं, जिनसे उद्योग, पर्यटन, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते हुए, जिनमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर समानता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। साथ ही, भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगारोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे कड़े निर्णय लेकर राज्य में पारदर्शिता और सुशासन की नई मिसाल कायम की गई है।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि राज्य में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरियों में अवसर मिले हैं। वहीं, 1 लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में आत्मनिर्भरता की मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान के लिए आरक्षण, पेंशन और पहचान पत्र जैसी व्यवस्थाओं को और सशक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड “विकसित भारत के लिए विकसित उत्तराखंड” के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री मोदी के “2047 तक विकसित राष्ट्र” के विज़न की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य की सवा करोड़ जनता के सहयोग से उत्तराखंड आने वाले वर्षों में देश का श्रेष्ठ राज्य बनेगा।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गीत की प्रेरक पंक्तियों से सभा को ऊर्जावान किया —

“पतवार चलाते जाएंगे, मंज़िल आएगी… आएगी।”

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