TMP: पहलगाम में हमला करने के बाद आतंकियों ने अब पाकिस्तान के दिल में भी तबाही मचा दी है। सोमवार को उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के दक्षिणी वजीरिस्तान के वाना शहर में जोरदार बम धमाका हुआ, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 16 से अधिक घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
DAWN न्यूज के मुताबिक, वाना सिटी के स्थानीय पुलिस अधिकारी उस्मान नजीर के मुताबिक, धमाका वाना शहर में स्थित शांति समिति कार्यालय के बाहर सुबह करीब 11 बजे हुआ। यह समिति लंबे समय से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ सक्रिय रही है, जिससे इस हमले को एक सोची-समझी साजिश माना जा रहा है।
दक्षिणी वजीरिस्तान वही इलाका है जिसे कभी तालिबान का गढ़ कहा जाता था। प्रतिबंधित टीटीपी द्वारा नवंबर 2022 में संघर्षविराम तोड़ने के बाद पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है।
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हाल ही में पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने अफगान सीमा से घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे 54 आतंकियों को मार गिराया है। इसके अलावा, उत्तरी वजीरिस्तान में भी 71 विद्रोहियों का सफाया करने का दावा किया गया था। बावजूद इसके, आतंकी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
भारत ने लिया कड़ा एक्शन
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। भारत ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश दिया, सिंधु जल संधि पर पुनर्विचार करते हुए इसे आंशिक रूप से रोकने का फैसला किया और पाकिस्तानी दूतावास के सभी अधिकारियों को वापस भेजने का आदेश दिया है। भारत ने साफ कर दिया है कि आतंक के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
नवाज शरीफ की शहबाज को सलाह
इस बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने मौजूदा प्रधानमंत्री और अपने छोटे भाई शहबाज शरीफ को भारत के साथ तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए सभी उपलब्ध कूटनीतिक रास्ते अपनाने की सलाह दी है। लाहौर में दोनों भाइयों की बैठक में नवाज ने साफ कर दिया कि वह भारत के खिलाफ आक्रामक रुख के पक्ष में नहीं हैं।
नतीजा साफ है — पाकिस्तान के भीतर और बाहर दोनों मोर्चों पर हालात बिगड़ते दिख रहे हैं। आतंकवाद से जूझता पाकिस्तान अब राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच जूझ रहा है।
