बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

 

 

 

 

श्रीनगर : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को श्रीनगर, पौड़ी में आयोजित बैकुण्ठ चतुर्दशी मेले का वर्चुअल शुभारंभ करते हुए प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि माँ धारी देवी और भगवान कमलेश्वर महादेव के पौराणिक मंदिर न केवल श्रीनगर की बल्कि संपूर्ण उत्तराखंड की अनमोल आध्यात्मिक धरोहर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैकुण्ठ चतुर्दशी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था, लोकसंस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा — “ऐसे पारंपरिक मेले हमें हमारी जड़ों, लोककला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं।”

विकास और विरासत साथ-साथ — धामी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और रेल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रही है।

उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धामों में मास्टर प्लान के तहत पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहे हैं, जबकि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन से पूरे गढ़वाल क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी। “रेल परियोजना पूरी होने पर श्रीनगर सहित पूरे गढ़वाल की कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।”

श्रीनगर में हो रहे हैं बड़े विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीनगर क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ पूरी की जा चुकी हैं —

  • ₹4.88 करोड़ की लागत से रोडवेज बस स्टेशन और पार्किंग का निर्माण।

  • अलकनंदा नदी किनारे ‘गंगा संस्कृति केंद्र’ का निर्माण।

  • श्रीनगर नगर पालिका को नगर निगम का दर्जा।

  • ₹37 करोड़ से अधिक की लागत से मढ़ी–चौरास–जाखड़ी पेयजल योजना।

उन्होंने कहा कि सरकार बेलकेदार-बेलकंडी मार्ग क्षेत्र में नई टाउनशिप, सीवरेज व्यवस्था, ट्राइडेंट पार्क निर्माण, धारी देवी मंदिर पैदल मार्ग, और गोला पार्क के सौंदर्यीकरण जैसी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है।

श्रीनगर बनेगा शिक्षा और स्वास्थ्य का हब

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रीनगर शिक्षा और अध्यात्म का संगम है और अब इसे शिक्षा के हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यहाँ पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य अंतिम चरण में है।

इसके अलावा, बेस अस्पताल में ₹25 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण हो रहा है, जिसका लाभ पौड़ी, टिहरी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के हजारों मरीजों को मिलेगा।

धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास का संगम

मुख्यमंत्री ने कहा — “श्रीनगर न केवल मंदिरों का नगर है, बल्कि यह उत्तराखंड की शिक्षा, संस्कृति और आस्था का केंद्र बनता जा रहा है।”

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