सोशल ऑडिट में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य, जलापूर्ति में उपभोक्ता संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता- राधा रतूड़ी

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में जल आपूर्ति योजनाओं को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बड़े कदम उठाए हैं। उन्होंने पेयजल योजनाओं के सोशल ऑडिट में स्थानीय महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताते हुए जल उपभोक्ताओं के फीडबैक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि पेयजल मामलों में आमजन की संतुष्टि सर्वोच्च है और शिकायत निवारण तंत्र को 48 घंटे के भीतर सक्रिय रूप से समाधान देने वाला बनाया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण और जल योजनाओं की पारदर्शिता
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि जल आपूर्ति योजनाओं में महिलाओं की भूमिका अहम है। उन्होंने सोशल ऑडिट को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय महिलाओं को विशेष रूप से शामिल करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही जल जीवन मिशन की समयसीमा विस्तार के लिए भारत सरकार को पत्र भेजने के आदेश दिए गए।

यूजर-फ्रेंडली तकनीक और ऑटो-एलेर्ट सिस्टम
बैठक में राधा रतूड़ी ने बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाते हुए एक यूजर-फ्रेंडली डैशबोर्ड तैयार करने की बात कही, जहां सभी मुख्य प्रदर्शन संकेतक (Key Performance Indicators) दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने सर्विस गैप की स्थिति में ऑटोमैटिक एसएमएस अलर्ट सिस्टम लागू करने और शिकायतों का समाधान 48 घंटे में सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

975 करोड़ के जलापूर्ति कार्यक्रम से लाखों लाभान्वित
975 करोड़ रुपये की लागत से विश्व बैंक सहायता प्राप्त उत्तराखंड जल आपूर्ति कार्यक्रम के तहत देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, टिहरी और उधमसिंह नगर के 22 अर्द्ध शहरी क्षेत्रों में प्रतिदिन 16 घंटे जलापूर्ति हो रही है। अब तक 1,06,202 जल कनेक्शन के माध्यम से बड़ी आबादी को लाभान्वित किया गया है।

सर्वे और प्रबंधन में नई योजनाओं का अनुमोदन
बैठक में प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी फर्म की समयसीमा विस्तार और पर्यावरण ऑडिट की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा, जल आपूर्ति योजनाओं की गुणवत्ता सुधारने और संतुष्टि दर बढ़ाने के लिए कदम उठाने पर जोर दिया गया।

पेयजल के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्य सचिव ने कहा कि जल आपूर्ति योजनाओं का उद्देश्य न केवल अबाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना है, बल्कि उसकी गुणवत्ता और पारदर्शिता को भी प्राथमिकता देना है। विश्व बैंक द्वारा इन योजनाओं पर संतोष व्यक्त करना राज्य की बड़ी उपलब्धि है।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, शैलेश बगौली और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 
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