देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में विभागीय कार्यों की गति और प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए 18 अनुभवी व जनसेवा से जुड़े महानुभावों को महत्वपूर्ण विभागीय दायित्व सौंपे हैं। इन दायित्वों से प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और सशक्त अनुश्रवण को नई दिशा मिलेगी।
इस बारे में सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री द्वारा जिन प्रमुख व्यक्तित्वों को अलग-अलग परिषदों, बोर्ड्स और समितियों में जिम्मेदारियां दी गई हैं, वे समाज के विभिन्न वर्गों और हित क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
जानिए किसे मिला कौन-सा दायित्व:
नाम | पद | दायित्व/समिति |
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बलवीर घुनियाल | उपाध्यक्ष | जड़ी-बूटी सलाहकार समिति |
सुरेन्द्र मोघा | उपाध्यक्ष | उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड |
भुवन विक्रम डबराल | उपाध्यक्ष | जड़ी-बूटी सलाहकार समिति |
सुभाष बर्थवाल | उपाध्यक्ष | राज्य निर्माण आंदोलनकारी सम्मान परिषद |
पुनीत मित्तल | उपाध्यक्ष | नगरीय पर्यावरण संरक्षण परिषद |
गिरीश डोभाल | उपाध्यक्ष | प्रदेशीय मौन परिषद |
गीताराम गौड़ | उपाध्यक्ष | उत्तराखंड जनजाति सलाहकार परिषद |
डॉ. जयपाल | उपाध्यक्ष | राज्य उच्च शिक्षा उन्नयन समिति |
देशराज कर्णवाल | उपाध्यक्ष | समाज कल्याण योजनाएं एवं अनुश्रवण समिति |
अजीत चौधरी | उपाध्यक्ष | उत्तराखंड राज्य किसान आयोग |
प्रताप सिंह पंवार | उपाध्यक्ष | राज्य औषधीय पादप बोर्ड |
जगत सिंह चौहान | उपाध्यक्ष | लघु सिंचाई सलाहकार समिति |
गीता रावत | अध्यक्ष | राज्य स्तरीय सतर्कता समिति |
शंकर कोरंगा | उपाध्यक्ष | जलागम परिषद |
महेश्वर सिंह महरा | उपाध्यक्ष | चाय विकास सलाहकार परिषद |
सरदार मनजीत सिंह | सह-अध्यक्ष | गन्ना विकास सलाहकार समिति |
नवीन वर्मा | उपाध्यक्ष | वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद |
अशोक नबयाल | उपाध्यक्ष | उत्तराखंड जनजाति परिषद |
धामी सरकार की रणनीति स्पष्ट
यह नियुक्तियां केवल राजनीतिक नहीं बल्कि विकास केंद्रित सोच का हिस्सा हैं। स्थानीय जमीनी कार्यकर्ताओं और अनुभवी नेताओं को उनके क्षेत्रीय अनुभव और जनसरोकारों के आधार पर जिम्मेदारी देकर सरकार ने यह साफ कर दिया है कि विकास अब और तेज़ी से होगा।