देहरादून | उत्तराखंड में स्थानीय कृषि उत्पादों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने झंगौरा (कुटकी) के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करने की कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, मंडुआ (रागी) को MSP का लाभ दिया गया था, और अब झंगौरा को भी इसमें शामिल किया जा रहा है।
‘वोकल फॉर लोकल’ के तहत सेना व एसएसबी से होगा समझौता
मुख्य सचिव ने सहकारिता विभाग को सेना और एसएसबी के साथ खाद्यान्न, सब्जियों, दूध और मीट की आपूर्ति के लिए एमओयू करने की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। यह पहल स्थानीय उत्पादकों और किसानों को स्थिर बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
सीमान्त क्षेत्रों में मिलेट्स की खेती को मिलेगा बढ़ावा
राज्य के सीमान्त जिलों में खाली कृषि योग्य भूमि पर मिलेट्स (श्रीअन्न) की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सभी डीएम को निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
राज्यभर में बनेंगी 601 बहुद्देशीय कृषि समितियां (MPACS)
मुख्य सचिव ने राज्य के सभी जिलों में 601 नई बहुद्देशीय कृषि सहकारी समितियां (MPACS), डेयरी और फिशरीज सोसाइटी के गठन का लक्ष्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
2025 में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष का भव्य आयोजन
मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को 2025 में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष को प्रभावी रूप से मनाने के लिए अधिकतम लोगों को इस अभियान से जोड़ने को कहा है। इसके तहत –
सम्मेलन, प्रदर्शनियां और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
स्थानीय सहकारिता समितियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में सहकारिता, वित्त, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी और सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे। राज्य सरकार के इन प्रयासों से स्थानीय कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलेगी और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।