देहरादून: श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) के स्कूल ऑफ यौगिक साइंसेज एंड नेचरोपैथी में वियतनाम के 15 सदस्यीय दल के लिए दो दिवसीय विशेष योग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान वियतनामी छात्रों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान की गहराइयों को आत्मसात किया।
प्रशिक्षण सत्र के पहले दिन, वियतनामी विद्यार्थियों ने भारतीय संस्कृति और योग दर्शन के महत्व को नजदीक से समझा। योग की प्राचीन विधाओं और भारतीय परंपराओं से रूबरू होकर वे अभिभूत नजर आए। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज से उनकी शिष्टाचार भेंट हुई, जहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय पहचान
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) कुमुद सकलानी ने कहा कि योग के प्रसार से श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल रही है। उन्होंने इस संकाय की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे योग और प्राकृतिक चिकित्सा को और अधिक बढ़ावा मिले।
विशेषज्ञों की देखरेख में प्रशिक्षण
स्कूल ऑफ यौगिक साइंस एंड नेचरोपैथी के डीन प्रो. (डॉ.) कंचन जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि वियतनाम के इन छात्रों को अनुभवी योग विशेषज्ञों की देखरेख में प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में डॉ. अनिल थपलियाल, डॉ. विजेंद्र सिंह सहित अनेक शिक्षक, शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
इस विशेष आयोजन ने न केवल वियतनामी छात्रों को भारतीय योग परंपरा से जोड़ा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर योग की महत्ता को भी स्थापित किया।