TMP : देहरादून के राजीव गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार शाम उत्तराखंड का आसमान रोशनी और उत्साह से जगमगा उठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य उद्घाटन करते हुए इसे उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण बताया। खिलाड़ियों, दर्शकों और देवभूमि की संस्कृति का संगम इस आयोजन को यादगार बना गया।
“खेलों से पर्यावरण तक: ग्रीन गेम्स की अनूठी थीम”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने भाषण में “ग्रीन गेम्स” की थीम को लेकर उत्तराखंड के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि खेलों में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल और प्लास्टिक के न्यूनतम उपयोग जैसे प्रयास इसे पर्यावरण-अनुकूल बना रहे हैं। इस आयोजन में 11 शहरों के 10,000 से अधिक खिलाड़ी 35 खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।
धामी ने कहा, “यह आयोजन सिर्फ खेलों का महाकुंभ नहीं, बल्कि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का अवसर भी है। राष्ट्रीय खेल महाकुंभ से राज्य में पर्यटन और स्थानीय आर्थिकी को नई ऊंचाई मिलेगी।”
2047 तक विकसित राष्ट्र का सपना”
सीएम धामी ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उनके कुशल नेतृत्व में भारत 2047 तक “विकसित राष्ट्र” बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा,
“हमारा देश शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, साइंस एंड टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। धारा 370 हटाना, राम मंदिर का निर्माण, और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करना जैसे बड़े फैसलों ने देश को नई दिशा दी है।”
धामी ने घोषणा की कि 27 जनवरी से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर दी गई है। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन के बिना संभव नहीं था।
पीएम मोदी ने किया खिलाड़ियों से संवाद, बताया भारत का ओलंपिक सपना”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल भारत के विकास की रीढ़ बन रहे हैं। उन्होंने कहा,
“खेल सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक अर्थव्यवस्था है। मेरठ जैसे शहर खेल सामग्री निर्माण का हब बन रहे हैं, जहां लाखों लोग रोजगार पा रहे हैं। भारत 2036 में ओलंपिक की मेजबानी का प्रयास कर रहा है, जिससे देश को नई वैश्विक पहचान मिलेगी।”
पीएम मोदी ने कहा कि खेलों में बढ़ती भागीदारी से भारत की पदक तालिका में सुधार हो रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में खेल बजट तीन गुना बढ़ा है, जिससे खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं और प्रोत्साहन मिल रहे हैं।
शीतकालीन यात्रा का जिक्र: उत्तराखंड बनेगा पर्यटन का ग्लोबल डेस्टिनेशन”
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड सरकार की शीतकालीन यात्रा योजना की सराहना करते हुए इसे राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा,
“उत्तराखंड मेरा दूसरा घर है, और मैं खुद शीतकालीन यात्रा का हिस्सा बनना चाहता हूं। यह पहल एडवेंचर टूरिज्म और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहित करेगी।”
खेलों के साथ संस्कृति का जश्न: जुबिन नौटियाल और पवनदीप ने बांधा समां”
उद्घाटन समारोह में उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलकियों ने भी सभी का दिल जीत लिया। बॉलीवुड सिंगर जुबिन नौटियाल, पवनदीप राजन और पांडवाज बैंड ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने देवभूमि की पहचान को देशभर के दर्शकों तक पहुंचाया।
शानदार परेड और शंखनाद से गूंजी देवभूमि”
सैनिक स्कूल घोड़ाखाल की बैंड टीम के नेतृत्व में खिलाड़ियों ने शानदार मार्च पास्ट किया। ओलंपियन लक्ष्य सेन ने तेजस्वनी मशाल प्रधानमंत्री को सौंपी और खिलाड़ियों को शपथ दिलाई। इसके बाद उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 2025 शंख बजाकर जोरदार शंखनाद किया गया।
“मोबाइल फ्लैशलाइट से सजा स्टेडियम”
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान सभी दर्शकों से अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाने का आग्रह किया। स्टेडियम रोशनी से जगमगा उठा और यह दृश्य हर किसी के लिए अविस्मरणीय बन गया।
“खिलाड़ियों का सम्मान और प्रेरणा”
प्रधानमंत्री ने मंच पर उत्तराखंड के खिलाड़ियों से मुलाकात की, जिनमें जसपाल राणा, लक्ष्य सेन और मनीष रावत जैसे दिग्गज शामिल थे। पीएम ने कहा,
“खेल अब सिर्फ शौक नहीं, बल्कि करियर का बड़ा विकल्प बन चुका है। युवा पीढ़ी खेलों में भारत का नाम रोशन कर रही है।”
“देवभूमि में खेलों का जश्न: विकास और गौरव की नई शुरुआत”
38वें राष्ट्रीय खेलों ने उत्तराखंड को एक नई ऊंचाई दी है। यह आयोजन न केवल खिलाड़ियों के लिए एक मंच है, बल्कि राज्य की संस्कृति, पर्यटन और विकास को भी आगे बढ़ाने का माध्यम है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी के प्रेरक संबोधन ने यह विश्वास दिलाया कि खेल और विकास का यह संगम उत्तराखंड को नई पहचान देगा।