2025 तक ड्रग्स फ्री उत्तराखंड का सपना, 2047 तक नशामुक्त भारत की ओर कदम- मुख्यमंत्री धामी

 

 

 

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित “मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्रीय सुरक्षा” पर क्षेत्रीय सम्मेलन में वर्चुअल भागीदारी की। उन्होंने नशा उन्मूलन के लिए उत्तराखंड सरकार की कमर कसने की पूरी तस्वीर पेश की।

ड्रग्स के खिलाफ जंग: मिशन 2025

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 2025 तक उत्तराखंड को ड्रग्स फ्री बनाने के संकल्प पर राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। साथ ही, 2047 तक विकसित और नशामुक्त भारत बनाने के लिए उत्तराखंड पूरी प्रतिबद्धता से सहयोग कर रहा है।

तस्करों पर सख्त कार्रवाई, युवाओं का पुनर्वास

  • मादक तस्करी और अवैध व्यापार पर नकेल कसने के लिए एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स सक्रिय है।
  • एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो रही है।
  • नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को वापस मुख्यधारा में लाने के लिए पुनर्वास केंद्र स्थापित किए गए हैं।

जागरूकता की नई लहर: रैलियों से मैराथन तक

  • राज्य में 2183 जागरूकता रैलियां, 1050 गोष्ठियां, 75 नुक्कड़ नाटक और 10 मैराथन का आयोजन हुआ।
  • इन अभियानों के जरिए तीन लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं और नागरिकों को सीधे जागरूक किया गया।

हर स्तर पर हो रहा है काम

  • महिला मंगल दलों और युवा मंगल दलों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान तेज किए गए हैं।
  • दूरस्थ इलाकों में कैंप लगाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए प्रयास हो रहे हैं।
  • स्कूलों और जेलों में काउंसलरों की नियुक्ति की गई है, और नशा पीड़ितों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू की गई है।

“नशा युवाओं को तबाह करता है और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चोट पहुंचाता है”

मुख्यमंत्री ने नशे और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच संबंध को उजागर करते हुए कहा कि युवाओं का नशे की ओर जाना न केवल सामाजिक विघटन का कारण बनता है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

क्या 2025 तक उत्तराखंड ड्रग्स फ्री बन पाएगा? मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश ने लड़ाई का बिगुल तो फूंक दिया है, अब देखना यह है कि ये मिशन कितनी तेजी से कामयाब होता है।

 

 

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