पीटीआई। राहुल गांधी के गरीबी हटाने के वादे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चुटकी लेते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बाद प्रधानमंत्री बने राजीव गांधी की सरकार ने भी गरीबी हटाने की घोषणा की थी लेकिन कुछ नहीं हुआ।
महाराष्ट्र के भंडारा जिले के सकोली कस्बे में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अमित शाह ने रविवार को कहा कि जब तक भाजपा राजनीति में है वह रोजगार और शिक्षा के क्षेत्र से कभी आरक्षण नहीं हटाएगी और ना ही किसी और को ऐसा करने देगी।
शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने गरीबी के खात्मे का एक कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है। वह पढ़ते नहीं हैं, इसलिए मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि उनकी दादी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी गरीबी हटाने का वादा किया था। उनके बेटे राजीव गांधी और फिर सोनिया गांधी ने भी सत्ता में आने पर यही वादा किया और चले भी गए। आखिर हम कैसे राहुल गांधी के वादे पर भरोसा करें?
शाह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि अफवाहें उड़ाई जा रही हैं कि भाजपा को अगर भारी बहुमत मिला तो संविधान को खतरा हो सकता है। भाजपा ने भंडारा-गोंडिया लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद सुनील मेंधे को ही टिकट दिया है।