आईआईटी रुड़की का नया रिकॉर्ड, दीक्षांत में पहली बार 518 पीएचडी डिग्रियां

 

 

 

 

रुड़की: आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह-2026 में इस बार शोध और उच्च शिक्षा की उपलब्धियों पर खास फोकस रहा। दो दिवसीय समारोह के समापन पर संस्थान ने कुल 2,701 डिग्रियां प्रदान कीं। इनमें 1,277 स्नातक, 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी और 3 एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां शामिल हैं।

दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन कुल 1,424 डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 903 स्नातकोत्तर, 518 पीएचडी/पीएचडी ड्यूल और तीन एमएस बाय रिसर्च डिग्रियां रहीं। संस्थान के इतिहास में पहली बार एक ही दीक्षांत समारोह में 518 पीएचडी डिग्रियां प्रदान की गईं।

पहली बार एमएस बाय रिसर्च डिग्री

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के तहत आईआईटी रुड़की ने इस वर्ष पहली बार एमएस बाय रिसर्च की डिग्री प्रदान की। संस्थान के अनुसार यह व्यवस्था डॉक्टोरल कार्यक्रम से बाहर होने वाले छात्रों के लिए शोध आधारित वैकल्पिक अकादमिक मार्ग के रूप में शुरू की गई है।

172 महिला शोधार्थियों को पीएचडी

पीएचडी डिग्री पाने वालों में 346 छात्र और 172 छात्राएं शामिल रहीं। स्नातकोत्तर वर्ग में 702 छात्र और 201 छात्राओं ने डिग्री हासिल की।

समारोह में स्नातकोत्तर और डॉक्टोरल छात्रों को कुल 71 पुरस्कार और 33 पदक भी दिए गए। इनमें संस्थान के साथ-साथ दानदाताओं द्वारा प्रायोजित पुरस्कार और पदक शामिल रहे।

उद्योग और अकादमिक जगत की मौजूदगी

दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन हीरो मोटोकॉर्प के सीईओ हर्षवर्धन छिताले मुख्य अतिथि रहे। आईआईटी रुड़की के पूर्व छात्र और ऑयलमैक्स एनर्जी के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. कपिल गर्ग सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल हुए।

आईआईटी रुड़की के अधिकारियों ने रिकॉर्ड संख्या में पीएचडी डिग्रियां दिए जाने को संस्थान में शोध गतिविधियों के विस्तार से जोड़ा। समारोह में छात्रों को शिक्षा के साथ शोध, नवाचार और तकनीकी समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

दो दिवसीय दीक्षांत समारोह के साथ आईआईटी रुड़की ने स्नातक से लेकर डॉक्टोरल स्तर तक 2,701 डिग्रियां प्रदान करने का आंकड़ा दर्ज किया।

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