देहरादून: उत्तराखंड में आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय से सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर परीक्षा व्यवस्थाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में 21 जून को प्रस्तावित नीट पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और किसी भी प्रकार की अनियमितता से मुक्त रखने के लिए मजबूत सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के साथ सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने को कहा गया।
परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने परिवहन विभाग की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शीघ्र शासनादेश जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही मानसून की संभावित चुनौतियों को देखते हुए जिलाधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया, ताकि सड़क बंद होने जैसी स्थिति में परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
मुख्य सचिव ने 14 जून को आयोजित होने वाली उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा को लेकर भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की गहन जांच, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को आयोजन स्थलों पर पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सहायता और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही प्रतिभागियों की सुविधा के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराने को भी कहा गया।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि परीक्षा और योग दिवस जैसे बड़े आयोजनों के सफल संचालन के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें। शासन स्तर पर व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि कार्यक्रमों का संचालन सुचारु और व्यवस्थित रूप से हो सके।
