देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को दून विश्वविद्यालय में इंडियन एसोसिएशन ऑफ सोशल साइंस इंस्टीट्यूशंस (IASSI) के 24वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय स्थिरता के साथ राज्य को वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मूलमंत्र पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से करोड़ों लोगों को सीधा लाभ मिला है।
धामी ने कहा कि सौर मिशन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, स्वच्छ भारत और नमामि गंगे अभियान जैसी योजनाएं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। प्रदेश सरकार भी इन्हीं लक्ष्यों के अनुरूप सामाजिक न्याय और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन बढ़ाने, पति-पत्नी दोनों को पेंशन देने और सभी पेंशन योजनाओं में त्रैमासिक की जगह मासिक भुगतान शुरू करने से सामाजिक न्याय की अवधारणा को मजबूती मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने “इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन” को सुनिश्चित करने के लिए त्रि-स्तंभीय और नौ-सूत्रीय नीति की शुरुआत की है। इसके माध्यम से गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की जा रही है।
उन्होंने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट में उत्तराखंड को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में देश में पहला स्थान मिला है। यह राज्य के सामूहिक प्रयासों और सुशासन की दिशा में की जा रही नीतिगत पहलों का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सामाजिक विकास को और सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने टाटा ट्रस्ट, नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के साथ तीन महत्वपूर्ण समझौते किए हैं।
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टाटा ट्रस्ट के सहयोग से जल प्रबंधन, पोषण, टेलीमेडिसिन, ग्रामीण आजीविका और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है।
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नैस्कॉम और वाधवानी फाउंडेशन के सहयोग से युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, पायथन, जनरेटिव एआई, कौशल विकास और स्वरोजगार जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नवाचारों के माध्यम से उत्तराखंड को सस्टेनेबल डेवलपमेंट का मॉडल स्टेट बनाया जाएगा, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य प्रो. रमेश चंद, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, IASSI अध्यक्ष एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी सहित देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
