TMP: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रयागराज में संत समाज ने भव्य स्वागत किया। ‘समानता के साथ समरसता’ कार्यक्रम में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री धामी को संतों ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए अभिनंदन किया और पुष्पमाला से सम्मानित किया।
धामी बोले – UCC विकसित भारत की ओर कदम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यूसीसी लागू करना न्याय और समानता की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘विकसित भारत’ की कल्पना को साकार करने में संतों के आशीर्वाद को अहम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने देश को नई राह दिखाई है और आने वाले समय में यह कानून पूरे भारत में लागू होगा।
महाकुंभ में संतों ने की धामी की भूरी-भूरी प्रशंसा
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा, “उत्तराखंड छोटा राज्य जरूर है, लेकिन धामी जी ने इसे सबसे बड़ा बना दिया। सबसे पहले यूसीसी लागू कर उत्तराखंड ने पूरे देश को दिशा दी है।”
स्वामी चिदानंद मुनि महाराज ने मुख्यमंत्री धामी को गंगा-यमुना और चारधाम की धरती का सच्चा उपासक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू कर भारत माता का मान बढ़ाया और उन लोगों को जवाब दिया जो समाज में भेदभाव फैलाते थे।
श्रद्धा वाकर केस का जिक्र, बोले – बेटियों को मिलेगा सुरक्षा कवच
मुख्यमंत्री धामी ने श्रद्धा वाकर हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि यूसीसी लागू होने के बाद इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि देश के अन्य राज्य भी जल्द ही उत्तराखंड के इस ऐतिहासिक कदम का अनुसरण करेंगे।
यूसीसी की गूंज पूरे भारत में
संत समाज ने मुख्यमंत्री धामी को भरोसा दिलाया कि पूरे देश के संत उनके इस प्रयास के साथ हैं। उन्होंने कहा कि अब अन्य राज्यों को भी यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। संतों ने उत्तराखंड सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस निर्णय ने सनातन संस्कृति की मूल भावना को मजबूत किया है।
उत्तराखंड से निकली ‘यूसीसी की गंगा’, पूरा देश होगा लाभान्वित!
महाकुंभ के मंच से उठी यह आवाज अब राष्ट्रीय परिदृश्य में गूंज रही है। उत्तराखंड से शुरू हुई समान नागरिक संहिता की यात्रा आने वाले समय में पूरे भारत को एक समान कानून की दिशा में ले जाएगी। क्या उत्तराखंड का यह कदम देशव्यापी बदलाव का आधार बनेगा?