उत्तरकाशी की बेटी सविता कंसवाल ने माउंट एवरेस्ट के 15 दिन बाद माउंट मकालू पर फतह कर नेशनल रिकॉर्ड बनाकर उत्तराखंड का नाम रोशन किया।
उत्तराखंड राज्य प्रतिभाओं का एक खजाना है। आज यहाँ के युवा अपनी प्रतिभाओं के दम पर विश्व पटल में अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। आज हम एक ऐसी ही बेटी की बात करेंगे जिसने अपने हौसले के दम पर नेशनल रिकॉर्ड बनाया है।
नेशनल रिकॉर्ड किया अपने नाम
उत्तरकाशी के लोंथरु गांव की रहने वाली सविता कंसवाल ने माउंट एवरेस्ट पर फतह कर 15 दिन में माउंट मकालू के दुर्गम पर्वतों को पार कर नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।
जीत के लिए इरादों का मजबूत होना जरूरी
सविता ने 12 मई को विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर फतह की , जिसकी ऊंचाई समुद्रतल से 8848.86 मीटर है। मगर इरादे मजबूत हों तो हर मुश्किल काम भी आसान लगने लगता है। सविता के साथ भी यही हुआ, माउंट एवरेस्ट की जीत ने सविता के मन में आगे बढ़ने का जोश इस कदर भर दिया कि उसने पीछे मुड़कर नही देखा। और 15 दिन में माउंट एवरेस्ट और माउंट मकालू 8463 मीटर की चोटियों पर चढ़कर नया नेशनल रिकॉर्ड बना दिया।
संघर्षों से लड़कर, बढ़ना सीखा
सविता का जीवन बहुत संघर्षपूर्ण रहा है। उनकी शिक्षा दीक्षा उत्तरकाशी के ही सरकारी स्कूल से हुई है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने का बाद सविता कंसवाल ने वर्ष 2013 में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान से पर्वतारोहण का बेसिक कोर्स किया था। इसके अलावा सविता ने एडवांस सर्च एंड रेस्क्यू के साथ पर्वतारोहण का प्रशिक्षण भी लिया है।
पहले भी कई चोटियों पर की फतह
सविता इस रिकॉर्ड से पूर्व त्रिशूल पर्वत 7120 मीटर, हनुमान टिब्बा 5930 मीटर, कोलहाई 5400 मीटर, द्रोपदी का डांडा 5680 मीटर, तुलियान छोटी 5500 मीटर, दुनिया की चौथी सबसे ऊंची चोटी माउंट ल्होत्से 8516 मीटर पर पहले आरोहण कर चुकी है।